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नागपुर में एक आरोपी के खिलाफ जमानत मिलने के बाद नाबालिग से दोबारा संपर्क करने का आरोप सामने आया है। पोस्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, आरोपी पर सोशल मीडिया के माध्यम से नाबालिग को संदेश भेजने और उसके परिवार को धमकाने का आरोप लगाया गया है। मामले की शिकायत पुलिस तक पहुंचने के बाद जांच शुरू की गई है।
शिकायत के मुताबिक, आरोपी की पहले भी सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग से बातचीत हुई थी। बाद में कथित तौर पर आरोपी ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की। परिवार की ओर से इस संबंध में पुलिस को जानकारी दिए जाने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत की जांच की जा रही है।
पोस्ट में आरोपी की पहचान सुनील बागड़े (21) के रूप में दी गई है और यह भी उल्लेख है कि वह पहले पॉक्सो से जुड़े मामले में आरोपी रह चुका है। हालांकि, इन विशिष्ट दावों की स्वतंत्र और विश्वसनीय पुष्टि मुझे उपलब्ध ताजा वेब स्रोतों में नहीं मिली है। इसलिए प्रकाशित समाचार में इन्हें पुलिस शिकायत/आरोप के रूप में ही प्रस्तुत करना उचित रहेगा, न कि सिद्ध तथ्य के रूप में।
पुलिस जांच में सोशल मीडिया संदेश, संपर्क के तरीके, शिकायतकर्ता के बयान और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण हो सकती है। यदि धमकी या दोबारा संपर्क के आरोपों की पुष्टि होती है, तो जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
महत्वपूर्ण: नाबालिग से संबंधित मामलों में उसकी पहचान बताने वाली कोई भी व्यक्तिगत जानकारी, फोटो, पता या अन्य विवरण प्रकाशित करने से बचना चाहिए। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप भी अदालत में सिद्ध होने तक आरोप ही माने जाते हैं।