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Good Morning Nagpur
नागपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा 145 साल पुराना ‘मारबत महोत्सव’ इस वर्ष भी पूरे उत्साह और पारंपरिक अंदाज में मनाया जा रहा है। महोत्सव की शुरुआत सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार द्वारा काली-पीली मारबत की पूजा-अर्चना के साथ की गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में नागरिक और आयोजक मौजूद रहे।
मारबत महोत्सव नागपुर की एक ऐसी अनूठी परंपरा है, जो वर्षों से शहर की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बनी हुई है। इस परंपरा के माध्यम से सामाजिक बुराइयों, अंधविश्वास और नकारात्मक प्रवृत्तियों के खिलाफ सामूहिक संदेश देने की परंपरा रही है। आयोजन को शहर की एकता, जागरूकता और सकारात्मक बदलाव से भी जोड़ा जाता है।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण 11 सितंबर को निकलने वाला भव्य मारबत जुलूस होगा। आयोजन की जानकारी के अनुसार जुलूस में प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा। साथ ही नागरिकों को किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने और कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी के लिए NMC के आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करने की अपील की गई है।
इस अवसर पर काली-पीली मारबत से जुड़ा विरासत वॉक भी आयोजित किया गया। वास्तुकार मंदिर मेहरो के वॉक का नेतृत्व करने तथा आयोजन से जुड़े योगदान के लिए राहुल जोमुलकर को सम्मानित किया गया।
हर वर्ष की तरह इस बार भी मारबत महोत्सव नागपुर की पुरानी परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक भागीदारी को एक मंच पर लाने वाला प्रमुख आयोजन बनने जा रहा है। ‘नागपुर की परंपरा, हमारी पहचान’ के संदेश के साथ शहरवासी इस ऐतिहासिक उत्सव का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं।