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नागपुर में अस्पतालों में डॉक्टरों, मरीजों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाने की तैयारी की है। अस्पताल परिसरों में होने वाले हंगामे, विवाद और हिंसा की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस और अस्पताल प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया जा रहा है।
नई व्यवस्था के तहत संवेदनशील अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। प्रत्येक थाने से अस्पतालों के लिए सुरक्षा संपर्क अधिकारी नियुक्त करने, किसी भी आपात स्थिति में पुलिस को तत्काल सूचना देने और अस्पताल परिसर में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने जैसे कदमों पर ध्यान दिया जाएगा।
आईसीयू और इमरजेंसी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाने के साथ-साथ अस्पताल परिसर में CCTV निगरानी को भी मजबूत करने की दिशा में काम किया जाएगा। डॉक्टरों और मेडिकल कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार या हिंसा की स्थिति में पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई किए जाने का संदेश भी दिया गया है।
इस पहल का उद्देश्य केवल अस्पतालों की सुरक्षा बढ़ाना नहीं, बल्कि डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को बिना डर और दबाव के मरीजों का इलाज करने के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। साथ ही, मरीजों और उनके परिजनों के लिए भी अस्पताल परिसर में शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल बनाए रखने पर जोर रहेगा।
प्रशासन की इस पहल से अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक नया मॉडल विकसित होने की उम्मीद है, जिसमें पुलिस, अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल के जरिए किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटा जा सकेगा।
आपात स्थिति या अस्पताल परिसर में किसी गंभीर विवाद की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है।