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नागपुर: भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में RFO अशोक मकड़े को विशेष अदालत से बड़ी राहत मिली है। विशेष न्यायाधीश डॉ. अभय अविनाश जोगलेकर की अदालत ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लगाए गए आरोपों पर सुनवाई के बाद आरोपी को बरी कर दिया।
जानकारी के अनुसार, एंटी करप्शन विभाग ने RFO पर 30% बिल राशि की कथित अवैध मांग करने का आरोप लगाया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों की अदालत ने समीक्षा की।
अदालत के अनुसार, सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को पर्याप्त और ठोस साक्ष्यों के आधार पर साबित नहीं कर सका। SIM कार्ड की मालिकाना हक और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों को भी पर्याप्त रूप से प्रमाणित नहीं किया जा सका। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों में सामने आए विरोधाभासों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी करने का फैसला सुनाया।
यह फैसला एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि किसी भी आपराधिक मामले में आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त और विश्वसनीय साक्ष्य महत्वपूर्ण होते हैं।