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MPSC सुधार समिति के सचिव बने तुकाराम मुंडे छात्रों के आंदोलन के बीच महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला

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MPSC सुधार समिति के सचिव बने तुकाराम मुंडे  छात्रों के आंदोलन के बीच महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला Good Morning Nagpur

पुणे: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की भर्ती प्रक्रिया में सुधार और विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों के आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। MPSC व्यवस्था में सुधार के लिए गठित समिति में वरिष्ठ IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे को सचिव नियुक्त किया गया है। इस फैसले को भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों की समस्याओं पर विचार करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

पोस्ट में दी गई जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने रविवार को समिति के गठन की घोषणा की। इससे पहले राज्य मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने पुणे में छात्रों से मुलाकात की थी। छात्रों की मांगों और भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा के बाद सरकार ने उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया।

समिति में पूर्व न्यायमूर्ति दिलीप भोसले, IPS अधिकारी लक्ष्मी गौतम, पूर्व IAS अधिकारी गणेश पाटिल और सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति पी. डी. नायक सहित अन्य सदस्यों के नाम भी पोस्ट में शामिल हैं। समिति का उद्देश्य MPSC भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं और सुधार के संभावित उपायों पर विचार करना बताया गया है।

आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में भर्ती प्रक्रिया में सुधार, कुछ प्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने, अगले तीन वर्षों में 70,000 पदों पर भर्ती करने और जनवरी में होने वाली ग्रुप-C परीक्षा में रिक्तियों की संख्या बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा, MPSC अध्यक्ष और सचिव की नियुक्ति तथा उनकी पृष्ठभूमि की जांच की मांग भी उठाई गई है।

छात्रों का कहना है कि सरकारी भर्तियों में स्पष्टता, समय पर परीक्षाएं और पर्याप्त रिक्तियां उपलब्ध होना जरूरी है, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े। वहीं, सरकार की ओर से छात्रों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

अब सभी की नजरें सुधार समिति की आगामी बैठकों, उसकी सिफारिशों और राज्य सरकार द्वारा लिए जाने वाले निर्णयों पर रहेंगी। समिति की सिफारिशों के आधार पर MPSC भर्ती प्रक्रिया में क्या बदलाव किए जाते हैं, यह महाराष्ट्र के हजारों प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण होगा।