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Good Morning Nagpur
देशभर के करोड़ों यूपीआई उपयोगकर्ताओं के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि यूपीआई के जरिए भुगतान करने वाले आम उपभोक्ताओं से किसी प्रकार का लेन-देन शुल्क नहीं लिया जाएगा। व्यक्ति-से-व्यक्ति यानी पी2पी यूपीआई लेन-देन भी मुफ्त बने रहेंगे।
कराधान और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 को लोकसभा ने 6 अगस्त 2026 को पारित किया, जबकि राज्यसभा ने 10 अगस्त 2026 को इसे पारित कर विधायी प्रक्रिया पूरी की। इस विधेयक में भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 से जुड़े संशोधन भी शामिल हैं।
सरकार के अनुसार, यूपीआई का इस्तेमाल करने वाले आम ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रावधान नहीं है। साथ ही, अधिकांश व्यापारी लेन-देन भी पहले की तरह बिना शुल्क के जारी रहने की बात कही गई है।
यदि भविष्य में व्यापारी छूट दर (एमडीआर) से संबंधित कोई व्यवस्था लागू की जाती है, तो वह सभी यूपीआई भुगतानों पर एक समान रूप से लागू नहीं होगी, बल्कि निर्धारित सीमा और नियमों के अनुसार लागू की जाएगी।
सरकार ने लोगों से यूपीआई पर कर या सामान्य उपभोक्ताओं से लेन-देन शुल्क वसूले जाने से जुड़ी अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की है। सरकार ने साफ किया है कि आम यूपीआई उपयोगकर्ताओं के लिए भुगतान पहले की तरह मुफ्त रहेगा।