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जल जीवन मिशन 2.0 के मसौदे पर महाराष्ट्र सरकार की नजर 2028 तक हर घर जल पहुंचाने का लक्ष्य

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जल जीवन मिशन 2.0 के मसौदे पर महाराष्ट्र सरकार की नजर 2028 तक हर घर जल पहुंचाने का लक्ष्य Good Morning Nagpur

महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जल जीवन मिशन 2.0 के मसौदे पर काम तेज कर दिया है। इस अभियान के तहत वर्ष 2028 तक हर घर में सुरक्षित और नियमित पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

योजना के अंतर्गत प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 55 लीटर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में नई नीति तैयार की जा रही है। मिशन को पूरा करने के लिए करीब ₹2337.62 करोड़ की आवश्यकता बताई गई है।

नई व्यवस्था में फंड के उपयोग को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं। कुल परियोजना लागत का 25 प्रतिशत हिस्सा लाभार्थियों, नागरिकों या ग्राम पंचायतों को देना होगा। निर्धारित योगदान जमा नहीं होने की स्थिति में ग्रामीण विकास विभाग वार्षिक अनुदान और अन्य फंड से राशि की कटौती कर सकेगा।

केंद्र सरकार से मिलने वाले अनुदान में कमी आने पर राज्य सरकार अपने संसाधनों से धन जुटाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में नई पेयजल आपूर्ति योजनाओं के लिए राज्य निधि से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

GSDA पोर्टल पर पंजीकृत ऐसी योजनाएं, जिनके वर्क ऑर्डर अभी जारी नहीं हुए हैं, उन्हें भी जल जीवन मिशन 2.0 में शामिल करने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही 14वें राज्यस्तरीय स्वीकृति मंच से पहले स्वीकृत पुरानी योजनाओं को भी संलग्न बजट में स्थान दिया जाएगा।

योजनाओं की प्रगति और फंड के उपयोग की समीक्षा राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए अधूरी परियोजनाओं को समय पर पूरा करना है।