-
--
नागपुर के वाड़ी क्षेत्र में तैयार किया जा रहा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) निर्धारित समयसीमा के बावजूद अभी पूरी तरह से संचालन में नहीं आ पाया है। परियोजना के लिए 15 सितंबर की समयसीमा तय की गई थी, लेकिन डेडलाइन बीतने के बाद भी प्लांट में तकनीकी परीक्षण और ट्रायल रन जारी है। इसके चलते STP के पूर्ण संचालन के लिए अब नई समयसीमा का इंतजार किया जा रहा है।
वाड़ी STP की क्षमता 11 MLD बताई गई है और इसे करीब ₹104.73 करोड़ की लागत से MSJNMA के तहत विकसित किया गया है। परियोजना का प्रमुख उद्देश्य क्षेत्र से आने वाले सीवेज को ट्रीट करना और उसके प्रवाह को अंबाझरी झील तक पहुंचने से रोकना है। इसके पूरी तरह शुरू होने के बाद क्षेत्र में सीवेज प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने और झील के प्रदूषण को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल प्लांट में तकनीकी स्तर पर परीक्षण किया जा रहा है। चार दिवसीय ट्रायल रन के बाद इसकी कार्यक्षमता और संचालन व्यवस्था की जांच की जाएगी। परियोजना में हुई देरी के कारण अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि STP को नियमित संचालन में कब तक लाया जाता है और अंबाझरी झील को सीवेज से राहत देने का निर्धारित लक्ष्य कब हासिल होता है।
वाड़ी STP के पूर्ण संचालन और नई समयसीमा को लेकर अब संबंधित विभागों की अगली कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।