“Courage allows us to face challenges with confidence and transform obstacles into opportunities for growth.”
"With faith in God and confidence in yourself, nothing is impossible."
The Less Competent should not judge the More Competent.
“If you are patient in one moment of anger, You will escape a hundred days of sorrow.”
“You will face many defeats in life, but never let yourself be defeated.”
Keep doing your best every day & if no one is proud of you, be proud of YOURSELF!
1 अप्रैल से बदलेंगे गोल्ड और सिल्वर के नियम
Share News:
Good Morning Nagpur
1 अप्रैल से बदल जाएंगे गोल्ड-सिल्वर के नियम: निवेशकों और खरीदारों पर होगा सीधा असर
नई दिल्ली/मुंबई: वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी 1 अप्रैल से सोने और चांदी के बाजार में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। सेबी (SEBI) के नए निर्देशों और हालिया मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन कीमती धातुओं की कीमतों से लेकर इन पर मिलने वाले लोन तक के नियमों में संशोधन किया गया है।
इन बदलावों का सीधा असर ज्वेलरी खरीदारों, निवेशकों और उन लोगों पर पड़ेगा जो सोने-चांदी के बदले कर्ज लेना चाहते हैं।
मुख्य बदलावों पर एक नज़र:
* घरेलू आधार पर तय होगी कीमत: सेबी ने गोल्ड और सिल्वर की कीमत तय करने के पैरामीटर में बदलाव किया है। अब अंतरराष्ट्रीय बाजार के बजाय घरेलू आधार पर प्राइसिंग तय की जाएगी, जिससे भारतीय बाजार की स्थितियों का कीमतों पर अधिक प्रभाव दिखेगा।
* सिल्वर पर मिलेगा लोन: अभी तक मुख्य रूप से सोने के बदले लोन (Gold Loan) की सुविधा लोकप्रिय थी, लेकिन 1 अप्रैल से सभी बैंक, को-ऑपरेटिव बैंक और फाइनेंस कंपनियां फिजिकल सिल्वर (चांदी) के बदले भी लोन दे सकेंगी। यह उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जिनके पास चांदी के रूप में बचत मौजूद है।
* Sovereign Gold Bond (SGB) पर टैक्स छूट खत्म: सबसे बड़ा झटका उन निवेशकों के लिए है जो सेकेंडरी मार्केट (स्टॉक एक्सचेंज) से 'सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड' खरीदते हैं। अब सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए SGB पर मैच्योरिटी के समय मिलने वाली टैक्स छूट का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि, सीधे सरकार से खरीदे गए बॉन्ड पर पुराने नियम लागू रह सकते हैं।
जानकारों की राय:
सीए राहुल जैन के अनुसार, इन नियमों का उद्देश्य बाजार में पारदर्शिता लाना और भारतीय निवेशकों को घरेलू बाजार की मजबूती का लाभ देना है। हालांकि, SGB पर टैक्स के नए नियम से निवेशकों को अपनी निवेश रणनीति पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है।