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Good Morning Nagpur
खाद्य पदार्थों में मिलावट, खराब गुणवत्ता, अस्वच्छ भोजन और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की शिकायत दर्ज करने के लिए शुरू किए गए FSSAI के ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ ऐप की प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी वास्तविक स्थिति, संबंधित अधिकारी की कार्रवाई और समाधान की समय-सीमा के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं मिलती।
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के अनुसार, इस डिजिटल प्लेटफॉर्म का उद्देश्य उपभोक्ताओं को खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायतें दर्ज करने, अपने अधिकारों की जानकारी प्राप्त करने और खाद्य व्यवसाय संचालकों के लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन की प्रमाणिकता जांचने की सुविधा देना है। ऐप और पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के साथ उसकी स्थिति ट्रैक करने की सुविधा भी उपलब्ध होने का दावा किया गया है।
आधिकारिक व्यवस्था के तहत ऐप पर दर्ज शिकायत संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण तक पहुंचाई जानी चाहिए, ताकि शिकायत की जांच करके समय पर कार्रवाई की जा सके। FSSAI ने खाद्य प्रतिष्ठानों पर ऐप का क्यूआर कोड प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए हैं, जिससे उपभोक्ता सीधे शिकायत दर्ज कर सकें।
हालांकि, पोस्टर में उठाए गए मुद्दों के अनुसार कई शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई से संबंधित नियमित अपडेट, स्पष्ट मार्गदर्शन और जिम्मेदार अधिकारी की जानकारी नहीं मिल रही। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि शिकायत दर्ज करने की डिजिटल सुविधा होने के बावजूद जमीनी स्तर पर शिकायत निवारण व्यवस्था कितनी प्रभावी और जवाबदेह है।
उपभोक्ताओं की मांग है कि प्रत्येक शिकायत के लिए निश्चित समय-सीमा तय की जाए, शिकायत की रियल टाइम ट्रैकिंग उपलब्ध कराई जाए और जांच करने वाले अधिकारी तथा की गई कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी दी जाए। लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा और प्रभावी हेल्पलाइन व्यवस्था से प्लेटफॉर्म पर लोगों का विश्वास बढ़ाया जा सकता है।
खाद्य सुरक्षा केवल नियम बनाने या मोबाइल ऐप उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रह सकती। शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। शिकायत का समाधान नहीं होने पर उपभोक्ता संबंधित राज्य खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण या FSSAI की आधिकारिक शिकायत व्यवस्था से भी संपर्क कर सकते हैं।