“Courage allows us to face challenges with confidence and transform obstacles into opportunities for growth.”
"With faith in God and confidence in yourself, nothing is impossible."
The Less Competent should not judge the More Competent.
“If you are patient in one moment of anger, You will escape a hundred days of sorrow.”
“You will face many defeats in life, but never let yourself be defeated.”
Keep doing your best every day & if no one is proud of you, be proud of YOURSELF!
हथनी का मरना और फोटो शूट का वायरल होना ।
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गुलाबी हथनी की फोटोशूट विवाद: अभिनेत्री रुपाली गांगुली ने पीएम मोदी को पत्र लिख लगाई न्याय की गुहार
जयपुर/नई दिल्ली: राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक हाथी को पूरी तरह गुलाबी रंग में रंगकर किए गए फोटोशूट ने देशव्यापी विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब फोटोशूट में शामिल रही 'चंचल' नाम की हथिनी की मौत की खबर सामने आई। टीवी जगत की प्रसिद्ध अभिनेत्री रुपाली गांगुली ने इस मामले में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दखल देने और जांच की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
पिछले साल नवंबर में एक रूसी फोटोग्राफर जूलिया बुरुलेवा ने जयपुर के हाथी गाँव में एक फोटोशूट किया था। इसमें 'चंचल' नाम की 65 वर्षीय हथिनी को सिर से पैर तक गाढ़े गुलाबी रंग से रंगा गया था। हाल ही में जब ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, तो पशु प्रेमियों ने इसे 'पशु क्रूरता' करार दिया।
रुपाली गांगुली की अपील
PETA इंडिया की समर्थक रुपाली गांगुली ने अपने पत्र में लिखा है कि इस तरह के कृत्य वन्यजीवों के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाते हैं। उन्होंने हथिनी की मौत पर गहरा दुख जताते हुए प्रधानमंत्री से अपील की है कि:
* देश में हाथियों की सवारी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए।
* पर्यटन और उत्सवों के लिए हाथियों के स्थान पर रोबोटिक हाथियों या सजावटी इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए।
मालिक और प्रशासन का पक्ष
हथिनी के मालिक सादिक खान और हाथी गाँव समिति के अध्यक्ष बालू खान का कहना है कि:
* फोटोशूट के लिए प्राकृतिक गुलाल का इस्तेमाल किया गया था, जिसे 10-15 मिनट में ही धो दिया गया था।
* हथिनी की उम्र लगभग 65 वर्ष थी और उसकी मृत्यु फरवरी 2026 में प्राकृतिक कारणों (बुढ़ापे) से हुई है, जिसका फोटोशूट से कोई सीधा संबंध नहीं है।
जांच के घेरे में फोटोशूट
हालांकि प्रशासन ने शुरुआत में किसी भी जांच से इनकार किया था, लेकिन बढ़ते जन आक्रोश को देखते हुए राजस्थान वन विभाग ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दी है। विभाग यह पता लगा रहा है कि क्या इस कमर्शियल फोटोशूट के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी और क्या वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के नियमों का उल्लंघन हुआ है ।