“Courage allows us to face challenges with confidence and transform obstacles into opportunities for growth.”
"With faith in God and confidence in yourself, nothing is impossible."
The Less Competent should not judge the More Competent.
“If you are patient in one moment of anger, You will escape a hundred days of sorrow.”
“You will face many defeats in life, but never let yourself be defeated.”
Keep doing your best every day & if no one is proud of you, be proud of YOURSELF!
Inter net को युद्ध से क्या फ़र्क़ पड़ेगा ।
Share News:
Good Morning Nagpur
बड़ी खबर: क्या इंटरनेट और डिजिटल पेमेंट पर लगेगा ब्रेक? होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव से भारत के 'डिजिटल वॉलेट' और शेयर बाज़ार पर मँडराया संकट
नई दिल्ली/दुबई: दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, होर्मुज़ जलडमरूमध्य, अब सिर्फ ऊर्जा ही नहीं बल्कि 'डिजिटल डेटा' के लिए भी एक बड़ा खतरा बन गया है। समुद्र की गहराई में बिछी फाइबर ऑप्टिक केबल, जो भारत को यूरोप और अमेरिका से जोड़ती हैं, युद्ध की स्थिति में निशाने पर आ सकती हैं।
📱 आपकी जेब और मोबाइल पर क्या होगा असर?
अगर इन समुद्री केबलों को नुकसान पहुँचता है, तो भारत में निम्नलिखित सेवाएँ प्रभावित हो सकती हैं:
* UPI और डिजिटल पेमेंट्स: इंटरनेट की गति धीमी होने या कनेक्टिविटी टूटने से Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे ऐप्स पर ट्रांजेक्शन 'फेल' हो सकते हैं या बहुत धीमे हो सकते हैं।
* शेयर बाज़ार और बैंकिंग: शेयर बाज़ार पूरी तरह से हाई-स्पीड इंटरनेट और लो-टेंसी (Low Latency) पर टिका है। कनेक्टिविटी में रुकावट से ट्रेडिंग और बैंकिंग सेटलमेंट में भारी दिक्कत आ सकती है।
* इंटरनेट ब्लैकआउट का डर: भारत का लगभग एक-तिहाई इंटरनेशनल डेटा ट्रैफिक इन्हीं रास्तों से गुज़रता है। केबल कटने की स्थिति में अंतरराष्ट्रीय वेबसाइट्स, क्लाउड सर्विसेज और वीडियो कॉलिंग प्रभावित होगी।
🌐 क्यों है यह मार्ग इतना महत्वपूर्ण?
आमतौर पर हम सोचते हैं कि इंटरनेट सैटेलाइट से चलता है, लेकिन 95% से अधिक वैश्विक डेटा ट्रैफिक समुद्र के नीचे बिछी इन बारीक फाइबर केबलों के ज़रिए सफर करता है। होर्मुज़ और लाल सागर (Red Sea) के इलाके में ये केबलें बहुत ही संकरे रास्ते से गुज़रती हैं, जिससे युद्ध की स्थिति में इन्हें काटना या नुकसान पहुँचाना आसान हो जाता है।
🛡️ भारत की तैयारी
भारत सरकार और दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों (जैसे Jio, Airtel और Tata Communications) को अलर्ट जारी किया है। कंपनियों से कहा गया है कि वे 'प्लान बी' तैयार रखें, ताकि अगर पश्चिम का रास्ता बंद हो, तो डेटा को प्रशांत महासागर (Pacific Ocean) के रास्ते डायवर्ट किया जा सके। हालांकि, इससे इंटरनेट की स्पीड में गिरावट आना तय है।
विशेषज्ञों की राय: "डेटा आज के दौर का नया तेल है। अगर होर्मुज़ में हलचल होती है, तो इसका असर सिर्फ पेट्रोल की कीमतों पर ही नहीं, बल्कि आपके मोबाइल के नेटवर्क और बैंक बैलेंस पर भी