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Good Morning Nagpur
नागपुर के कोराडी पावर प्लांट के निर्माण विभाग में लगभग ₹2.90 करोड़ की कथित वित्तीय गड़बड़ी का मामला सामने आया है। अधिकारियों और ठेकेदारों पर बिल तथा भुगतान रिकॉर्ड में हेरफेर कर सरकारी राशि निकालने का आरोप है।
जांच में कथित रूप से सामने आया कि फर्जी कंपनी और नकली दस्तावेजों के आधार पर भुगतान दिखाया गया। सरकारी राशि पहले संबंधित कंपनी के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई और बाद में इसे निजी खातों में भेजकर आपस में बांटने का आरोप है।
पुलिस ने मामले में मैनेजर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र कृष्णराव पोयाम, अश्विनी सुखदेव देवगांवकर और शिरीष गणेश वाटे के रूप में बताई गई है।
आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और सरकारी धन के दुरुपयोग से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब बैंक लेन-देन, फर्जी दस्तावेजों और अन्य अधिकारियों एवं ठेकेदारों की संभावित भूमिका की जांच कर रही है।
जांच का दायरा बढ़ने के साथ मामले में और गिरफ्तारियां तथा नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।