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हींगना MIDC मे मालिकों की मनमानी

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हींगना MIDC मे मालिकों की मनमानी Good Morning Nagpur

हिंगना MIDC में मजदूरों का बड़ा शोषण: पीएफ नियमों की उड़ रही धज्जियां, न समय पर वेतन, न छुट्टी!**

नागपुर:उपराजधानी के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र हिंगना एमआईडीसी (MIDC) से मजदूरों के अधिकारों के हनन का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ कार्यरत कई कंपनियों के संचालक श्रम कानूनों और ईपीएफओ (EPFO) के नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें न तो समय पर वेतन मिल रहा है और न ही नियमानुसार साप्ताहिक या बीमारी की छुट्टियां दी जा रही हैं।
प्रमुख समस्याएँ और उल्लंघन:
 * **PF में हेराफेरी:** पीएफ (Provident Fund) के नियमों का सरेआम उल्लंघन किया जा रहा है। कई उद्योगों में मजदूरों के वेतन से पीएफ की राशि तो काटी जा रही है, लेकिन उसे उनके पीएफ खातों में जमा नहीं किया जा रहा। इससे मजदूरों का भविष्य दांव पर लगा है।
 * **वेतन में देरी:** आर्थिक तंगी का हवाला देकर उद्योग संचालक मजदूरों का वेतन महीनों तक रोक कर रखते हैं, जिससे कामगारों के सामने घर चलाने का संकट खड़ा हो गया है।
 * **छुट्टियों का अभाव:** श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली 'पेड लीव' (Paid Leave) और साप्ताहिक अवकाश की जगह मजदूरों से बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के काम कराया जा रहा है। विरोध करने पर काम से निकालने की धमकी दी जाती है।
 * **न्यूनतम मजदूरी की अनदेखी:** कई इकाइयों में सरकार द्वारा निर्धारित 'न्यूनतम वेतन' (Minimum Wage) से भी कम दर पर मजदूरों से दिन-रात काम लिया जा रहा है।
### **श्रमिक संगठनों में आक्रोश**
इस शोषण को लेकर स्थानीय श्रमिक संगठनों में भारी नाराजगी है। संगठनों का कहना है कि एमआईडीसी प्रशासन और श्रम विभाग की चुप्पी के कारण उद्योग संचालकों के हौसले बुलंद हैं। यदि जल्द ही इन लापरवाह कंपनियों के खिलाफ कड़ी जांच और दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो मजदूर बड़े आंदोलन की राह पकड़ सकते हैं।
*प्रशासन से मांग:
मजदूरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि:
 1. श्रम विभाग की एक विशेष टीम हिंगना एमआईडीसी की कंपनियों का ऑडिट करे।
 2. पीएफ चोरी करने वाले संचालकों पर आपराधिक मामले दर्ज हों।
 3. बकाया वेतन का भुगतान तुरंत ब्याज सहित कराया जाए।
 
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