-
--
नागपुर में ग्रीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई ई-बस सेवा के प्रदर्शन में गिरावट चिंता का विषय बन गई है। पिछले तीन वर्षों में कई ई-बसें संचालन से बाहर हो चुकी हैं, जिससे शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
जानकारी के अनुसार, कई बसें पूरी क्षमता के साथ नहीं चल पा रही हैं। कुछ बसें तकनीकी दिक्कतों, बैटरी क्षमता घटने और मेंटेनेंस से जुड़ी समस्याओं के कारण डिपो में खड़ी हैं। इसका असर शहर के प्रमुख रूटों पर यात्रियों की सुविधा पर पड़ रहा है।
रूट 42, 135 और 35 जैसे मार्गों पर ई-बसों का उपयोग अधिक बताया जा रहा है, लेकिन बसों की कम उपलब्धता के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नई ई-बसें खरीदना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमित रखरखाव, मजबूत तकनीकी सपोर्ट और बेहतर रूट मैनेजमेंट भी जरूरी है।
शहर को ग्रीन और भरोसेमंद पब्लिक ट्रांसपोर्ट देने के लिए प्रशासन को ई-बस सेवा की तकनीकी समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देना होगा।