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Good Morning Nagpur
नागपुर के क्षेत्रीय मानसिक अस्पताल में हर वर्ष 5,000 से अधिक मरीज भर्ती हो रहे हैं। पिछले दो वर्षों के आंकड़ों से सामने आई यह स्थिति मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में लगातार हो रही बढ़ोतरी की ओर संकेत करती है। अस्पताल के इन-पेशेंट विभाग में बड़ी संख्या में मरीजों का उपचार किया जा रहा है, जबकि ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक जीवनशैली, बढ़ता तनाव, पारिवारिक और सामाजिक दबाव, आर्थिक परेशानियां तथा अकेलापन मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के प्रमुख कारण बन रहे हैं। समय पर पहचान और उपचार नहीं मिलने से कई मामलों में स्थिति गंभीर हो जाती है और मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता पड़ती है।
मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बीमारियों को लेकर समाज में अभी भी जागरूकता की कमी देखी जाती है। कई परिवार शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं या सामाजिक बदनामी के डर से चिकित्सकीय सहायता लेने में देरी करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि व्यवहार में अचानक बदलाव, लगातार उदासी, अनिद्रा, अत्यधिक चिंता, गुस्सा या लोगों से दूरी बनाने जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
क्षेत्रीय मानसिक अस्पताल में भर्ती मरीजों को उनके परिवारों से जोड़ने के लिए ई-विजिट जैसी सुविधाओं का उपयोग भी किया जा रहा है। इससे दूर रहने वाले परिजन वीडियो कॉल के माध्यम से मरीजों से बातचीत कर सकते हैं। यह पहल मरीजों को भावनात्मक सहयोग देने और उपचार प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो रही है।
मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए जागरूकता अभियान, समय पर जांच, काउंसलिंग सेवाओं और इलाज की सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है। मानसिक बीमारी को कमजोरी या शर्म का विषय मानने के बजाय इसे अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की तरह समझना आवश्यक है। सही समय पर उपचार और परिवार के सहयोग से अधिकांश मरीज बेहतर जीवन की ओर लौट सकते हैं।