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Good Morning Nagpur
नागपुर में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए कथित ‘किडनैपिंग’ वीडियो की सच्चाई पुलिस जांच के बाद सामने आ गई है। जांच में पता चला कि यह अपहरण का मामला नहीं था, बल्कि दोस्तों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर हुआ विवाद था।
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह चलती कार से एक महिला के चिल्लाने का सीसीटीवी वीडियो सामने आया था। वीडियो में महिला घबराई हुई दिखाई दे रही थी और कार तेजी से आगे निकल गई थी। यह दृश्य देखकर लोगों ने घटना को अपहरण समझ लिया और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
वीडियो सामने आते ही बेलतरोड़ी पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जानकारी की मदद से पुलिस ने लगभग एक घंटे के भीतर कार और उसमें मौजूद लोगों का पता लगा लिया। जांच में महिला सुरक्षित मिली और किसी भी प्रकार के अपहरण की पुष्टि नहीं हुई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोस्तों के बीच लगभग ₹5,000 से ₹10,000 के लेन-देन को लेकर बहस हुई थी। विवाद बढ़ने पर कार तेजी से वहां से निकल गई, जिससे आसपास मौजूद लोगों को घटना संदिग्ध लगी।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या जानकारी की सत्यता जांचे बिना उसे सोशल मीडिया पर साझा न करें। अफवाहें न केवल लोगों में डर पैदा करती हैं, बल्कि पुलिस और प्रशासन के काम में भी बाधा बन सकती हैं।