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नागपुर में तेजी से बढ़ते रियल एस्टेट और निर्माण कार्यों के बीच जांच एजेंसियों की नजर अब प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े पैसों के लेन-देन पर है।
जानकारी के अनुसार, बिल्डर्स, कॉन्ट्रैक्टर्स, मटेरियल सप्लायर्स और रियल एस्टेट से जुड़े अन्य व्यवसायों के आर्थिक रिकॉर्ड, नकद भुगतान और संदिग्ध खर्चों की जांच की जा सकती है।
विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर नजर रखी जा सकती है जहां निर्माण कार्य तेजी से बढ़ रहे हैं। बुटीबोरी, कोराडी, बेसा, बेलतरोडी, जामठा, मिहान और पिपला जैसे इलाकों में प्रॉपर्टी गतिविधियों की जांच तेज हो सकती है।
आई-टी स्कैनर के तहत कैश फ्लो, बिना रिकॉर्ड के सौदे और टैक्स चोरी से जुड़े मामलों की कड़ी पड़ताल की जा सकती है। प्रशासन का उद्देश्य रियल एस्टेट कारोबार में पारदर्शिता बढ़ाना और टैक्स नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।