-
--
Good Morning Nagpur
ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट्स और सोशल मीडिया के जरिए जीवनसाथी की तलाश करने वाले लोगों को अब पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। फर्जी प्रोफाइल बनाकर दोस्ती करना, भरोसा जीतना और फिर शादी का वादा करके पैसे मांगना ऑनलाइन ठगी का आम तरीका बनता जा रहा है।
कई मामलों में आरोपी पहले लंबे समय तक बातचीत कर सामने वाले व्यक्ति का विश्वास हासिल करते हैं। इसके बाद बीमारी, पारिवारिक समस्या, इमरजेंसी, यात्रा या किसी आर्थिक संकट का बहाना बनाकर पैसों की मांग की जाती है। कुछ मामलों में निजी मुलाकात के लिए दबाव डालने और व्यक्तिगत फोटो या वीडियो हासिल करने के बाद उनका गलत इस्तेमाल कर ब्लैकमेल करने जैसी शिकायतें भी सामने आती हैं।
ऐसी ठगी का शिकार केवल महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष भी हो सकते हैं। इसलिए किसी भी मैट्रिमोनियल प्रोफाइल पर भरोसा करने से पहले व्यक्ति की पहचान, नौकरी, परिवार और अन्य जरूरी जानकारी की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है। केवल ऑनलाइन बातचीत या प्रोफाइल पर दी गई जानकारी को सही मानकर कोई बड़ा फैसला लेना जोखिम भरा हो सकता है।
साइबर सुरक्षा के लिहाज से बैंक अकाउंट की जानकारी, OTP, UPI PIN, पासवर्ड, आधार या पैन संबंधी संवेदनशील जानकारी और निजी फोटो-वीडियो किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने चाहिए। अगर कोई व्यक्ति जल्द पैसे भेजने का दबाव बनाए या बार-बार आर्थिक मदद मांगे, तो इसे चेतावनी संकेत के रूप में देखना चाहिए।
ऑनलाइन रिश्ता तय करते समय परिवार को जानकारी में रखना, वीडियो कॉल के जरिए पहचान की पुष्टि करना और जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्ति की पृष्ठभूमि की जांच करना सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं। किसी भी तरह की साइबर ठगी या ब्लैकमेल की स्थिति में सबूत सुरक्षित रखकर तुरंत संबंधित पुलिस या साइबर अपराध अधिकारियों से संपर्क किया जाना चाहिए।