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मुंद्रा का बड़ा घुटाला पूर्व मैनेजर अंदर ।

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मुंद्रा का बड़ा घुटाला पूर्व मैनेजर अंदर । Good Morning Nagpur

मुद्रा योजना घोटाला: पूर्व बैंक मैनेजर गिरफ्तार, करोड़ों की धोखाधड़ी का खुलासा**

**नई दिल्ली/ब्यूरो:** कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने बैंकिंग धोखाधड़ी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पूर्व शाखा प्रबंधक (Branch Manager) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी **'प्रधानमंत्री मुद्रा योजना' (PMMY)** की आड़ में एक बहु-करोड़ (Multi-crore) फर्जी लोन रैकेट चलाने का गंभीर आरोप है।
*कैसे काम करता था यह रैकेट?**
जांच में सामने आया है कि यह घोटाला बेहद सोची-समझी साजिश के तहत किया जा रहा था। मुख्य आरोपी ने अन्य दलालों और सहयोगियों के साथ मिलकर निम्नलिखित तरीकों से बैंक को चूना लगाया:
 * **फर्जी दस्तावेज:** ऋण (Loan) स्वीकृत करने के लिए फर्जी केवाईसी (KYC), जाली बिजनेस लाइसेंस और आधार कार्ड का उपयोग किया गया।
 * **कागजों पर कंपनियां:** ऐसी कंपनियों के नाम पर लोन लिए गए जिनका जमीन पर कोई अस्तित्व ही नहीं था।
 * **कमीशन का खेल:** आरोपी मैनेजर बिना किसी वेरिफिकेशन के लोन पास करने के बदले में स्वीकृत राशि का एक बड़ा हिस्सा 'कमीशन' के तौर पर खुद रख लेता था।
 * **फर्जी लाभार्थी:** कई मामलों में गरीब लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके नाम पर लोन निकाला गया, जबकि पैसे का लाभ गिरोह के सदस्यों ने उठाया।
**मामले का खुलासा**
यह मामला तब प्रकाश में आया जब बैंक के ऑडिट के दौरान कई खातों में **NPA (Non-Performing Assets)** की दर असामान्य रूप से बढ़ी हुई पाई गई। जब आंतरिक जांच की गई, तो पता चला कि लोन देते समय बुनियादी बैंकिंग नियमों और वेरिफिकेशनयह रही इस मामले की एक विस्तृत न्यूज़ रिपोर्ट:
*मुद्रा योजना घोटाला: पूर्व बैंक मैनेजर गिरफ्तार, करोड़ों की धोखाधड़ी का खुलासा**
**नई दिल्ली/ब्यूरो:** कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने बैंकिंग धोखाधड़ी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पूर्व शाखा प्रबंधक (Branch Manager) को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी **'प्रधानमंत्री मुद्रा योजना' (PMMY)** की आड़ में एक बहु-करोड़ (Multi-crore) फर्जी लोन रैकेट चलाने का गंभीर आरोप है।
कैसे काम करता था यह रैकेट?**
जांच में सामने आया है कि यह घोटाला बेहद सोची-समझी साजिश के तहत किया जा रहा था। मुख्य आरोपी ने अन्य दलालों और सहयोगियों के साथ मिलकर निम्नलिखित तरीकों से बैंक को चूना लगाया:
 * **फर्जी दस्तावेज:** ऋण (Loan) स्वीकृत करने के लिए फर्जी केवाईसी (KYC), जाली बिजनेस लाइसेंस और आधार कार्ड का उपयोग किया गया।
 * **कागजों पर कंपनियां:** ऐसी कंपनियों के नाम पर लोन लिए गए जिनका जमीन पर कोई अस्तित्व ही नहीं था।
 * **कमीशन का खेल:** आरोपी मैनेजर बिना किसी वेरिफिकेशन के लोन पास करने के बदले में स्वीकृत राशि का एक बड़ा हिस्सा 'कमीशन' के तौर पर खुद रख लेता था।
 * **फर्जी लाभार्थी:** कई मामलों में गरीब लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके नाम पर लोन निकाला गया, जबकि पैसे का लाभ गिरोह के सदस्यों ने उठाया।
**मामले का खुलासा**
यह मामला तब प्रकाश में आया जब बैंक के ऑडिट के दौरान कई खातों में **NPA (Non-Performing Assets)** की दर असामान्य रूप से बढ़ी हुई पाई गई। जब आंतरिक जांच की गई, तो पता चला कि लोन देते समय बुनियादी बैंकिंग नियमों और वेरिफिकेशन प्रक्रियाओं की पूरी तरह से अनदेखी की गई थी।
### **पुलिस की कार्रवाई**
पुलिस अधिकारी के अनुसार, "आरोपी मैनेजर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी धन का गबन किया है। हमने उसे हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है ताकि इस सिंडिकेट में शामिल अन्य लोगों और उन 'बिचौलियों' का पता लगाया जा सके जो बैंक और फर्जी लाभार्थियों के बीच कड़ी का काम कर रहे थे।"
### **क्या है मुद्रा योजना?**
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना छोटे उद्यमियों को व्यापार शुरू करने या बढ़ाने के लिए 10 लाख रुपये तक का कोलेटरल-फ्री (बिना गारंटी) लोन प्रदान करती है। इस तरह के घोटालों से न केवल सरकारी खजाने को नुकसान होता है, बल्कि उन छोटे कारोबारियों के लिए भी मुश्किलें खड़ी होती हैं जिन्हें वास्तव में मदद की जरूरत है।
**अपील:** बैंकिंग अधिकारी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह देते हैं कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपने दस्तावेज न सौंपें और लोन के लिए केवल अधिकृत बैंक शाखाओं से ही संपर्क करें।
प्रक्रियाओं की पूरी तरह से अनदेखी की गई थी।
### **पुलिस की कार्रवाई**
पुलिस अधिकारी के अनुसार, "आरोपी मैनेजर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी धन का गबन किया है। हमने उसे हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है ताकि इस सिंडिकेट में शामिल अन्य लोगों और उन 'बिचौलियों' का पता लगाया जा सके जो बैंक और फर्जी लाभार्थियों के बीच कड़ी का काम कर रहे थे।"
 **क्या है मुद्रा योजना?**
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना छोटे उद्यमियों को व्यापार शुरू करने या बढ़ाने के लिए 10 लाख रुपये तक का कोलेटरल-फ्री (बिना गारंटी) लोन प्रदान करती है। इस तरह के घोटालों से न केवल सरकारी खजाने को नुकसान होता है, बल्कि उन छोटे कारोबारियों के लिए भी मुश्किलें खड़ी होती हैं जिन्हें वास्तव में मदद की जरूरत है।
**अपील:** बैंकिंग अधिकारी नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह देते हैं कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति को अपने दस्तावेज न सौंपें और लोन के लिए केवल अधिकृत बैंक शाखाओं से ही संपर्क करें।
 
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