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Upi पेमेंट में लिमिट का प्रस्ताव:आरबीआई
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Good Morning Nagpur
डिजिटल पेमेंट पर RBI का बड़ा प्रस्ताव ₹10,000 से अधिक के ट्रांजैक्शन में हो सकती है 1 घंटे की देरी**
मुंबई: ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई (UPI) के जरिए होने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) एक सख्त कदम उठाने की योजना बना रहा है। आरबीआई ने एक नया प्रस्ताव पेश किया है, जिसके तहत **₹10,000 या उससे अधिक** के डिजिटल ट्रांजैक्शन पर **1 घंटे की अनिवार्य देरी (Time Buffer)* लागू की जा सकती है।
### **क्यों जरूरी है यह बदलाव?**
डिजिटल लेन-देन में बढ़ते साइबर फ्रॉड और गलत खातों में पैसा जाने की शिकायतों को देखते हुए यह विचार किया जा रहा है। इस 1 घंटे के अंतराल का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ना है।
**प्रमुख विशेषताएं:**
* **संदिग्ध भुगतान की जांच:** इस देरी के दौरान बैंक संदिग्ध लेन-देन की बारीकी से जांच कर सकेंगे।
* **ट्रांजैक्शन कैंसिलेशन:** यदि किसी ग्राहक को लगता है कि उसने गलती से गलत व्यक्ति को पैसे भेज दिए हैं या वह किसी धोखाधड़ी का शिकार हुआ है, तो उसके पास ट्रांजैक्शन कैंसिल करने का पर्याप्त समय होगा।
* **व्हाइटलिस्ट की सुविधा:** जरूरी और नियमित भुगतानों के लिए ग्राहकों को राहत दी जाएगी। ग्राहक कुछ खास पेयी (Payee) को 'व्हाइटलिस्ट' कर सकते हैं, जिससे उन पर यह टाइम लिमिट लागू नहीं होगी।आम जनता पर असर**
विशेषज्ञों का मानना है कि जहां यह कदम सुरक्षा के लिहाज से ऐतिहासिक साबित हो सकता है, वहीं जल्दबाजी में भुगतान करने वाले लोगों को थोड़ी असुविधा हो सकती है। हालांकि, आरबीआई का प्राथमिक लक्ष्य जनता की मेहनत की कमाई को डिजिटल लुटेरों से बचाना है।