Daily Wisdom Drop
  • “Take risks: if you win, you will be happy; if you lose, you will be wise.”

जंग का असर भारत पर ।

Share News:
जंग का असर भारत पर । Good Morning Nagpur

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का भारत पर बड़ा असर: मार्च में निर्यात 58% तक गिरा

नई दिल्ली:पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के हालातों ने भारतीय व्यापारिक बाजार को हिलाकर रख दिया है। ताज़ा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च महीने में मिडिल ईस्ट के देशों को होने वाले भारत के निर्यात में **57.95%** की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
वाणिज्य सचिव **राजेश अग्रवाल** ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए बताया कि क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण न केवल निर्यात प्रभावित हुआ है, बल्कि आयात (Import) में भी **51.64%** की कमी आई है।
मुख्य आंकड़े एक नज़र में:**
| विवरण | मार्च में स्थिति (गिरावट) |
|---|---|
| **कुल निर्यात में गिरावट** | 57.95% (लगभग 58%) |
| **कुल आयात में गिरावट** | 51.64% |
| **व्यापारिक घाटा (मार्च)** | $20.67 बिलियन |
| **व्यापारिक घाटा (फरवरी)** | $27.1 बिलियन |
### **व्यापारिक घाटे में कमी, लेकिन सप्लाई चेन पर संकट**
हैरानी की बात यह है कि आयात-निर्यात दोनों में गिरावट के चलते देश का व्यापारिक घाटा (Trade Deficit) कम हुआ है। फरवरी में जो घाटा **$27.1 बिलियन** था, वह मार्च में सिमटकर **$20.67 बिलियन** रह गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह कमी व्यापार में मजबूती के कारण नहीं, बल्कि सप्लाई चेन में आए अवरोधों और मांग में कमी की वजह से है।
क्यों हो रही है इतनी गिरावट?**
 1. **शिपिंग मार्ग में असुरक्षा:** रेड सी (लाल सागर) और फारस की खाड़ी के पास युद्ध जैसी स्थिति से मालवाहक जहाजों के लिए खतरा बढ़ गया है।
 2. **माल ढुलाई की बढ़ती लागत:** युद्ध के जोखिम के कारण इंश्योरेंस प्रीमियम और शिपिंग खर्चों में भारी बढ़ोतरी हुई है।
 3. **वित्तीय अनिश्चितता:** ईरान और पड़ोसी देशों में अस्थिरता के कारण पेमेंट गेटवे और ऑर्डर्स पर भी असर पड़ा है।
विशेषज्ञ राय:** "अगर मिडिल ईस्ट में तनाव जल्द कम नहीं होता है, तो आगामी महीनों में तेल की कीमतों और घरेलू उपभोग की वस्तुओं पर इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।"

 
ADVERTISEMENT