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कश्मीर से ईरान को ६०० cr की सह्यता
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Good Morning Nagpur
कश्मीर: मानवीय संवेदनाओं की मिसाल;
ईरान-इजरायल युद्ध के बीच बडगाम के
लोगों ने जुटाए ₹600 करोड़
श्रीनगर/बडगाम:
मिडल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में चल रहे भीषण संघर्ष और ईरान-इजरायल युद्ध के बीच जम्मू-कश्मीर के लोगों ने एकजुटता की एक अनोखी मिसाल पेश की है। घाटी के बडगाम जिले और आसपास के इलाकों में स्थानीय निवासियों ने मात्र 2 दिनों के भीतर ईरान के प्रभावित लोगों की मदद के लिए लगभग ₹600 करोड़ की सहायता राशि और सामग्री जुटाई है।
सोना, चांदी और गुल्लक तक कर दिए दान
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दान अभियान में समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लोगों ने न केवल नकद राशि, बल्कि अपने कीमती जेवरात, सोने-चांदी के आभूषण, तांबे के बर्तन और यहां तक कि बच्चों ने अपनी बरसों की जमा पूंजी वाले गुल्लक (Piggy Banks) भी दान केंद्रों पर सौंप दिए। कई बुजुर्ग महिलाओं ने अपनी दशकों पुरानी निशानियां भी इस मानवीय कार्य के लिए समर्पित कर दीं।
विधायक मुंतज़िर मेहदी ने की पहल
बडगाम के नवनिर्वाचित विधायक आगा सैयद मुंतज़िर मेहदी ने इस अभियान को अपना समर्थन देते हुए ईरान के प्रति एकजुटता दिखाई। उन्होंने घोषणा की है कि वे अपना एक महीने का वेतन राहत कार्यों के लिए दान करेंगे। उन्होंने कहा, "मानवता भौगोलिक सीमाओं से ऊपर है और संकट की इस घड़ी में पीड़ित लोगों की मदद करना हमारा नैतिक कर्तव्य है।"
ईरानी दूतावास ने जताया आभार
भारत में ईरान के आधिकारिक हैंडल ने सोशल मीडिया (X) पर कश्मीर के लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के इस निस्वार्थ प्रेम और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया है। ईरानी दूतावास ने लिखा, "हम कश्मीर के दयालु लोगों के प्रति दिल से आभारी हैं। इस एकजुटता और दयालुता को कभी नहीं भुलाया जाएगा। शुक्रिया इंडिया।"
मुख्य बिंदु:
* स्थान: बडगाम, श्रीनगर और बारामुला (विशेष रूप से शिया बहुल इलाके)।
* दान की गई वस्तुएं: नकद, सोना, चांदी, तांबे के बर्तन, पशुधन और वाहन।
* उद्देश्य: युद्ध प्रभावित क्षेत्र में चिकित्सा सहायता और बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में मदद करना।