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दुनिया मे कैसे मनाया जाता गुड फ्राइडे
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गुड फ्राइडे 2026: दुनिया भर में कैसे मनाया जाता है यह पवित्र दिन?
आज 3 अप्रैल, 2026 को पूरी दुनिया में गुड फ्राइडे पूरी श्रद्धा और शांति के साथ मनाया जा रहा है। ईसाइयों के लिए यह शोक, प्रायश्चित और प्रार्थना का दिन है। भारत से लेकर वेटिकन सिटी तक, हर देश में इसे अपनी अनूठी परंपराओं के साथ मनाया जाता है।
यहाँ जानिए दुनिया के अलग-अलग कोनों में आज के दिन क्या हो रहा है:
1. वेटिकन सिटी और यूरोप (Vatican & Europe)
* वेटिकन सिटी: पोप फ्रांसिस के नेतृत्व में सेंट पीटर्स बेसिलिका में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित होती है। शाम को 'वाया क्रुसिस' (Way of the Cross) यानी क्रॉस की यात्रा का आयोजन कोलोसियम के पास किया जाता है, जहाँ हजारों मशालों की रोशनी में यीशु के बलिदान को याद किया जाता है।
* स्पेन: यहाँ 'सेमाना सांता' (Holy Week) के दौरान भव्य जुलूस निकाले जाते हैं। लोग पारंपरिक वेशभूषा में भारी लकड़ी के बने धार्मिक चित्रों और क्रॉस को कंधों पर उठाकर सड़कों पर निकलते हैं।
2. यरूशलेम (Jerusalem)
* पवित्र मार्ग पर पदयात्रा: इज़राइल के यरूशलेम में, श्रद्धालु उसी मार्ग पर चलते हैं जिसे 'विया डोलोरोसा' (Via Dolorosa) कहा जाता है। माना जाता है कि इसी रास्ते से प्रभु यीशु अपना क्रॉस उठाकर कलवारी की पहाड़ी तक गए थे। दुनिया भर से आए तीर्थयात्री लकड़ी के क्रॉस लेकर प्रार्थना करते हुए इस मार्ग पर चलते हैं।
3. फिलीपींस और एशिया (Philippines & Asia)
* जीवंत मंचन: फिलीपींस में गुड फ्राइडे का नजारा काफी भावुक होता है। यहाँ लोग सड़कों पर यीशु के कष्टों का जीवंत मंचन (Passion Play) करते हैं। कुछ श्रद्धालु अपनी आस्था प्रकट करने के लिए स्वयं को प्रतीकात्मक रूप से क्रॉस पर भी चढ़ाते हैं।
* भारत: भारत के विभिन्न चर्चों में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक 'थ्री ऑवर सर्विस' (Three Hour Service) होती है। यह वही समय माना जाता है जब यीशु क्रॉस पर थे। गोवा, केरल और मुंबई जैसे क्षेत्रों में मौन जुलूस निकाले जाते हैं।
4. लैटिन अमेरिका (Latin America)
* मेक्सिको और कोलंबिया जैसे देशों में बड़े पैमाने पर 'पैशन प्ले' का आयोजन होता है। पूरे शहर को एक रंगमंच में बदल दिया जाता है जहाँ यीशु के अंतिम घंटों के दृश्यों को दर्शाया जाता है।
गुड फ्राइडे की खास परंपराएं:
* चर्च में मौन: आज के दिन चर्चों में घंटियाँ नहीं बजाई जातीं और न ही संगीत होता है। वेदी (Altar) को खाली छोड़ दिया जाता है।
* उपवास और परहेज: कई ईसाई परिवार आज के दिन केवल एक बार सादा भोजन करते हैं और मांस (Meat) से परहेज करते हैं।
* हॉट क्रॉस बन्स: कई देशों में आज के दिन 'हॉट क्रॉस बन्स' खाने की परंपरा है, जिस पर क्रॉस का निशान बना होता है।
निष्कर्ष:
गुड फ्राइडे हमें सिखाता है कि निस्वार्थ प्रेम और बलिदान से ही मानवता का कल्याण संभव है। यह दिन भले ही दुख का हो, लेकिन यह रविवार (ईस्टर) को होने वाले पुनरुत्थान और नई आशा का आधार है।
GMN