“Courage allows us to face challenges with confidence and transform obstacles into opportunities for growth.”
"With faith in God and confidence in yourself, nothing is impossible."
The Less Competent should not judge the More Competent.
“If you are patient in one moment of anger, You will escape a hundred days of sorrow.”
“You will face many defeats in life, but never let yourself be defeated.”
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ईरान का सब से बड़ा हमला बहरीन पर ।
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ईरान का बहरीन पर बड़ा हमला: सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी 'बाप्को' को बनाया निशाना
GCC NEWS :मनामा (बहरीन): मध्य पूर्व (Middle East) में जारी भारी तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान ने बहरीन की सबसे बड़ी और इकलौती तेल रिफाइनरी 'बाप्को रिफाइनरी' (Bapco Refining) पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। सोमवार (9 मार्च 2026) को हुए इस हमले के बाद रिफाइनरी परिसर से काले धुएं के ऊंचे गुबार उठते देखे गए, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
मुख्य बातें:
* हमले का प्रभाव: हमले के कारण रिफाइनरी के एक यूनिट में भीषण आग लग गई। हालांकि, बहरीन के अधिकारियों का कहना है कि दमकल विभाग ने तत्परता दिखाते हुए आग पर काबू पा लिया है।
* हताहत: बहरीन के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, सित्रा (Sitra) इलाके में हुए इस हमले में कम से कम 32 नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें कुछ बच्चे और एक नवजात शिशु भी शामिल है। गनीमत यह रही कि रिफाइनरी के भीतर किसी की जान जाने की खबर नहीं है।
* Force Majeure घोषित: हमले के बाद 'बाप्को एनर्जीज़' ने अपने ऑपरेशंस पर 'फोर्स मेज्योर' (Force Majeure) घोषित कर दिया है। इसका मतलब है कि कंपनी असाधारण परिस्थितियों के कारण अपनी व्यावसायिक प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में असमर्थ हो सकती है।
* स्थानीय आपूर्ति: सरकार ने भरोसा दिलाया है कि देश की आंतरिक तेल और ईंधन की जरूरतों को पूरा करने के लिए बैकअप योजनाएं तैयार हैं और स्थानीय बाजार में कमी नहीं होने दी जाएगी।
क्यों अहम है यह रिफाइनरी?
90 साल पुरानी यह रिफाइनरी बहरीन की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। इसकी क्षमता प्रतिदिन 4 लाख बैरल तेल रिफाइन करने की है। यहाँ न केवल बहरीन बल्कि सऊदी अरब और अन्य पड़ोसी देशों का तेल भी प्रोसेस किया जाता है।
वैश्विक असर:
इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल देखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर खाड़ी देशों के तेल प्रतिष्ठानों पर हमले जारी रहे, तो वैश्विक स्तर पर तेल की महंगाई और बढ़ सकती है।
नोट: यह रिपोर्ट 9-10 मार्च 2026 की ताज़ा घटनाओं पर आधारित है।