“Take risks: if you win, you will be happy; if you lose, you will be wise.”
Fastag में हो रहा फ़र्ज़ी ऑफर:NHI
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Good Morning Nagpur
सावधान! FASTag रिचार्ज पर भारी डिस्काउंट के नाम पर हो रही है लूट,
NHAI ने जारी की चेतावनी
नागपुर :देश भर में टोल भुगतान के लिए अनिवार्य 'फास्टैग' (FASTag) अब साइबर ठगों का नया हथियार बन गया है। सोशल मीडिया और गूगल सर्च पर NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के नाम और लोगो का गलत इस्तेमाल कर फर्जी विज्ञापन चलाए जा रहे हैं।कैसे बुना जा रहा है ठगी का जाल?
साइबर अपराधी फेसबुक, इंस्टाग्राम और गूगल पर आकर्षक विज्ञापन देते हैं, जिनमें 'सालाना पास' या 'रिचार्ज' पर 50% से 80% तक की छूट का दावा किया जाता है। जैसे ही कोई यूजर इन लुभावने ऑफर्स के चक्कर में विज्ञापन पर क्लिक करता है, उसे एक फर्जी वेबसाइट पर भेज दिया जाता है जो बिल्कुल असली NHAI पोर्टल जैसी दिखती है।
डेटा और पैसे दोनों का नुकसान
फर्जी लिंक पर जाने के बाद यूजर्स से निम्नलिखित जानकारी मांगी जाती है:
* वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर
* मोबाइल नंबर
* बैंक अकाउंट या कार्ड की डिटेल्स
जैसे ही यूजर पेमेंट के लिए ओटीपी (OTP) डालता है या कार्ड डिटेल्स साझा करता है, ठग उनके खाते से पैसे साफ कर देते हैं। साथ ही, यूजर्स का निजी डेटा भी डार्क वेब पर बेचने का खतरा बना रहता है।
बचाव के लिए क्या करें?
* आधिकारिक ऐप: हमेशा 'My FASTag' ऐप या अधिकृत बैंक के आधिकारिक ऐप का ही उपयोग करें।
* वेबसाइट की जांच: किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले URL चेक करें। सरकारी वेबसाइट्स के अंत में .gov.in या आधिकारिक बैंक का डोमेन होता है।
* लालच से बचें: FASTag रिचार्ज पर असामान्य रूप से भारी छूट के दावे अक्सर फर्जी होते हैं।
* संदेह होने पर: किसी भी फर्जीवाड़े की शिकायत तुरंत 1930 (Cyber Crime Helpline) पर करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें।