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बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने 16 वर्षीय स्कूली छात्रा को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में बुलढाणा निवासी युवक की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि जांच के दौरान एकत्र की गई सामग्री गंभीर है और मामले की विस्तृत एवं निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
मामले में पेश दस्तावेजों के अनुसार, घटना वाले दिन तक छात्रा आरोपी के संपर्क में थी। जांच एजेंसियों द्वारा जुटाए गए कॉल रिकॉर्ड से भी दोनों के बीच लगातार संपर्क होने की बात सामने आई है। कोर्ट ने इस तथ्य को जांच के लिए महत्वपूर्ण माना।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कथित रूप से 31 सिम कार्ड का उपयोग कर रहा था। जांच एजेंसियां इन सिम कार्डों के इस्तेमाल, आरोपी के संपर्कों और उनके उद्देश्य की पड़ताल कर रही हैं। अदालत ने माना कि इस स्तर पर आरोपी को गिरफ्तारी से संरक्षण देना जांच को प्रभावित कर सकता है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सुसाइड नोट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार किया। अदालत ने कहा कि वर्तमान सामग्री के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि आरोपी की घटना में कोई भूमिका नहीं थी। इसी आधार पर उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई।
यह मामला एक नाबालिग छात्रा की मौत से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील है। पुलिस अब उपलब्ध डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच कर रही है।