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2300 kg चूहे खा गये: गुजरात पुलिस,CAG मे ने लगाई फटकार

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2300 kg  चूहे खा गये: गुजरात पुलिस,CAG मे ने लगाई फटकार Good Morning Nagpur

चूहे बने 'नशेड़ी'! गुजरात पुलिस की कस्टडी से 2,300 किलो ड्रग्स 'गायब', CAG रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा**

गांधीनगर:गुजरात में कानून व्यवस्था और सुरक्षित कस्टडी पर एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसे सुनकर कोई भी दंग रह जाए। भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) ने हाल ही में गुजरात विधानसभा में पेश की गई अपनी रिपोर्ट में राज्य के गृह विभाग को कड़ी फटकार लगाई है। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस कस्टडी में रखे गए भारी मात्रा में ड्रग्स या तो चोरी हो गए हैं या फिर उन्हें 'चूहों' ने खा लिया है।
क्या है पूरा मामला?
CAG की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2010 से नवंबर 2022 के बीच विभिन्न एजेंसियों (ATS, CID क्राइम और रेलवे) द्वारा करीब **6,510 किलोग्राम** नशीले पदार्थ जब्त किए गए थे। लेकिन जब जनवरी 2025 में इनके निपटान (disposal) की बारी आई, तो कुल मात्रा में 35% की भारी कमी पाई गई। लगभग **2,332 किलो ड्रग्स का कोई हिसाब नहीं मिल सका।
पुलिस का अजीबोगरीब तर्क**
जब ऑडिट टीम ने इस भारी कमी पर सवाल उठाए, तो अधिकारियों की ओर से बेहद अजीब जवाब सामने आए:
 चूहों का आतंक: अधिकारियों का दावा है कि मालखाने में उचित व्यवस्था न होने के कारण चूहों ने ड्रग्स को भारी नुकसान पहुँचाया और उसे "खा" गए।
 चोरी और प्राकृतिक कारण: कुछ हिस्सा चोरी होने और कुछ हिस्सा पौधों के सूख जाने (जैसे गांजा) के कारण कम होने की बात कही गई है।
CAG की कड़ी फटकार
CAG ने इस पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि राज्य में जब्त किए गए नशीले पदार्थों को सुरक्षित रखने के लिए न तो कोई पुख्ता बुनियादी ढांचा (Infrastructure) है और न ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि कई मामलों में तो फॉरेंसिक (FSL) रिपोर्ट 23-23 साल से लंबित है, जिससे सबूतों के साथ छेड़छाड़ या उनके गायब होने का खतरा बना रहता है।
*सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय
यह खबर सामने आते ही सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ आ गई है। लोग सवाल कर रहे हैं कि क्या गुजरात के चूहे अब 'हाई' (High) होकर घूम रहे हैं? विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए इसे भ्रष्टाचार का एक नया तरीका बताया है।इंसान तो इंसान, अब सरकारी मालखानों में चूहे भी 'नशे के शौकीन' हो गए हैं। यह लापरवाही है या मिलीभगत, इसकी 
**SourceCAG Audit Report 2026
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