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हाई कोर्ट से न्यायिक जज वर्मा का इस्तीफ़ा ।

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हाई कोर्ट से न्यायिक जज वर्मा का इस्तीफ़ा । Good Morning Nagpur

 इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा; घर पर कैश मिलने और महाभियोग की कार्यवाही के बीच बड़ा कदम**

प्रयागराज/नई दिल्ली:इलाहाबाद हाईकोर्ट के सिटिंग जज **जस्टिस यशवंत वर्मा** ने शुक्रवार (10 अप्रैल 2026) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। जस्टिस वर्मा का यह इस्तीफा उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर करीब एक साल पहले मिले 'कैश के ढेर' और उसके बाद शुरू हुई **महाभियोग (Impeachment)** की कार्यवाही के बीच आया है।
**क्या है पूरा मामला?**
 * **मार्च 2025 की घटना:** पिछले साल 14-15 मार्च को दिल्ली के तुगलक क्रीसेंट स्थित जस्टिस वर्मा के तत्कालीन आवास पर आग लगी थी। मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड और पुलिस कर्मियों ने वहां भारी मात्रा में आधे जले हुए 500 रुपये के नोटों के बंडल देखे थे।
 * **इन-हाउस जांच:** सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एक इन-हाउस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि उस कैश पर जस्टिस वर्मा और उनके परिवार का नियंत्रण था। इसके बाद उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट से हटाकर इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दिया गया था और उनसे न्यायिक कार्य छीन लिए गए थे।
 * **संसद में कार्यवाही:** अगस्त 2025 में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उनके खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए एक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। जस्टिस वर्मा ने इस समिति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी थी, लेकिन जनवरी 2026 में कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
**इस्तीफे में क्या कहा?**
जस्टिस वर्मा ने अपने त्यागपत्र में कारणों का जिक्र न करते हुए केवल इतना लिखा कि वह "गहरी पीड़ा" के साथ अपना इस्तीफा दे रहे हैं और इस पद पर सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात थी। उनके इस्तीफे की एक प्रति भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को भी भेजी है ।
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