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482 शिक्षक बिना काम का ले रहे वेतन फोकट का:ज़िला परिषद
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Good Morning Nagpur
नागपुर जिले में शिक्षा विभाग का बड़ा खेल: 482 शिक्षक बिना काम के ले रहे 'फुकट' की तनख्वाह!
*नागपुर: उपराजधानी के शिक्षा विभाग में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक तरफ जहां कई ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, वहीं दूसरी ओर नागपुर जिले के 482 शिक्षक 'अतिरिक्त' (Surplus)** होने के बावजूद बिना किसी ठोस काम के हर महीने सरकारी खजाने से लाखों रुपये का वेतन उठा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, जब किसी स्कूल में छात्रों की संख्या कम हो जाती है, तो वहां के शिक्षकों को 'अतिरिक्त' घोषित कर दिया जाता है। नियमानुसार, इन शिक्षकों का समायोजन (Adjustment) तुरंत उन स्कूलों में होना चाहिए जहां शिक्षकों के पद खाली हैं। लेकिन नागपुर जिले में प्रशासन की ढिलाई के कारण ये 482 शिक्षक पिछले काफी समय से बिना नियुक्ति के केवल हाजिरी लगाकर वेतन पा रहे हैं।
प्रमुख बिंदु
सरकारी खजाने पर बोझ बिना अध्यापन कार्य के इन शिक्षकों को वेतन देना सीधे तौर पर राजस्व का नुकसान है।
छात्रों का नुकसान जिले के दूरदराज के क्षेत्रों और जिला परिषद स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
प्रशासनिक लापरवाही समायोजन की प्रक्रिया में हो रही देरी ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरटीई (RTE) और नियमों की अनदेखी**
एक ओर सरकार शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह का 'टीचर सरप्लस' मैनेजमेंट विभाग की विफलता को दर्शाता है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर इन शिक्षकों को समय पर उन स्कूलों में भेजा जाता जहां जरूरत है, तो जिले का शैक्षणिक स्तर काफी बेहतर हो सकता था।