“Take risks: if you win, you will be happy; if you lose, you will be wise.”
एलपीजी के कारण स्कूल फीस नहीं भर पा रहे पालक,काम का प्रभाव
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Good Morning Nagpur
रसोई गैस (LPG Cylinder) की बढ़ती कीमतों और बढ़ती महंगाई
मध्यम और निम्न-आय वाले परिवारों की कमर तोड़ दी है,
* **महंगाई की मार:** रसोई गैस के बढ़ते दाम पड़े शिक्षा पर भारी, अभिभावकों के सामने 'चूल्हा जलाएं या फीस भरें' का संकट।
* **बजट बिगड़ा:** सिलेंडर की किल्लत और ऊँची कीमतों ने छीनी बच्चों की पढ़ाई? स्कूलों में बढ़ने लगी फीस डिफॉल्टर्स की संख्या।
* **संकट में भविष्य:** घर का राशन और गैस का बिल भरने में खत्म हो रही जमापूंजी, स्कूल फीस चुकाने में असमर्थ हो रहे अभिभावक।
विशेष रिपोर्ट: महंगाई ने बिगाड़ा शिक्षा का गणित
नई दिल्ली/स्थानीय:**
देश में बढ़ती महंगाई, विशेषकर **रसोई गैस (Cylinder)** की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम आदमी के घर का बजट पूरी तरह चरमरा दिया है। इसका सबसे दर्दनाक असर अब बच्चों की शिक्षा पर देखने को मिल रहा है। कई शहरों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि अभिभावक अपने बच्चों की स्कूल फीस समय पर जमा नहीं कर पा रहे हैं।
फीस न भर पाने के मुख्य कारण:
1. **बढ़ता घरेलू खर्च:** रसोई गैस के दाम ₹1000-₹1200 के पार होने से महीने का राशन और ऊर्जा खर्च 30-40% तक बढ़ गया है।
2. **आय में स्थिरता:** जहाँ एक ओर खर्च दोगुने हो गए हैं, वहीं आम आदमी की आय वैसी ही बनी हुई है, जिससे 'डिस्पोजेबल इनकम' (बचत) खत्म हो गई है।
3. **प्राथमिकता का संकट:** अभिभावकों के लिए घर में चूल्हा जलाना और दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना पहली प्राथमिकता बन गई है, जिसके चलते स्कूल फीस के लिए पैसे नहीं बच रहे हैं।
स्कूलों की स्थिति:
स्कूल प्रबंधनों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में फीस देरी से जमा करने वाले अभिभावकों की संख्या में **15% से 20% तक की बढ़ोतरी** हुई है। कई अभिभावक स्कूलों से फीस माफी या किश्तों (installments) में भुगतान करने की गुहार लगा रहे हैं।