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सातवी फेल के हवाले बिहार
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Good Morning Nagpur
बिहार की वर्तमान राजनीतिक स्थिति और सम्राट चौधरी से जुड़े विवादों "सातवी फेल "
*बिहार में "अराजकता": फर्जी डिग्री और आपराधिक मामलों के बीच नई सरकार का गठन**
**पटना, 15 अप्रैल 2026:** बिहार में नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद **सम्राट चौधरी** के नेतृत्व में नई सरकार का गठन तो हो गया है, लेकिन इसके साथ ही राज्य में विवादों का बवंडर भी खड़ा हो गया है। जनता के एक बड़े हिस्से में इस बात को लेकर गहरा रोष है कि राज्य की कमान ऐसे हाथों में सौंपी गई है जो खुद गंभीर कानूनी और फर्जीवाड़े के आरोपों से घिरे हुए हैं।
सम्राट चौधरी: "7वीं फेल" का तंज और डिग्री पर सवाल**
सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता हमेशा से विवादों के घेरे में रही है। विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन पर कई बार "फर्जी डिग्री" (Fake Degree) के आधार पर चुनाव लड़ने का आरोप लगाया है।
डिलीश (D.Litt) का विवाद:** आरोप है कि उन्होंने जिस विदेशी विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल करने का दावा किया, उसकी कोई कानूनी मान्यता नहीं है।
चुनावी हलफनामा:** उनके द्वारा अलग-अलग चुनावों में दी गई शैक्षणिक जानकारी में विसंगतियों के कारण सोशल मीडिया पर उन्हें "अन्पढ़ की सरकार" जैसे तंज का सामना करना पड़ रहा है।
हत्या के मामले में "फर्जी जन्म प्रमाण पत्र" का आरोप**
हाल ही में राजनीतिक विश्लेषक और विपक्षी नेताओं ने एक बहुत ही गंभीर मामला उजागर किया है। आरोप है कि **1995 के एक हत्याकांड** (तारापुर नरसंहार) में सम्राट चौधरी मुख्य आरोपियों में से एक थे।
फर्जी आयु का दावा:** आरोप है कि उस समय जेल से बचने के लिए उन्होंने खुद को "नाबालिग" (Minor) साबित करने हेतु फर्जी दस्तावेज और जन्म प्रमाण पत्र अदालत में पेश किए थे।
विरोध:** जन सुराज और अन्य दलों का कहना है कि जिस व्यक्ति ने कानून को धोखा देकर अपनी उम्र गलत बताई, उसे मुख्यमंत्री जैसा संवैधानिक पद देना लोकतंत्र का अपमान है।
जनता में भारी आक्रोश: "जनादेश का अपमान"**
बिहार की जनता में इस समय दो वजहों से भारी नाराजगी देखी जा रही है:
* **सत्ता का खेल:** बार-बार मुख्यमंत्री बदलने और गठबंधन टूटने से आम जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। लोगों का कहना है कि नेताओं की कुर्सी की लड़ाई में विकास, शिक्षा और रोजगार के मुद्दे दब गए हैं।
अपराधीकरण* दागी चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिलने से बिहार के "जंगलराज" की ओर लौटने का डर सता रहा है।
*मुख्य सुर्खियां:**
"बिहार की जनता को मिला दागदार नेतृत्व: क्या फर्जी डिग्री और पुराने मुकदमों के बोझ तले दबे सीएम दे पाएंगे न्याय?"
"शिक्षित बिहार, लेकिन अनपढ़ों की सरकार? डिग्री विवाद ने फिर छिड़ी बिहार की राजनीति में जंग।"
**निष्कर्ष:** सम्राट चौधरी के लिए आगामी राह आसान नहीं होगी। एक तरफ उन्हें इन कानूनी दांव-पेंचों का जवाब देना होगा, तो दूसरी तरफ जनता के बीच खोई हुई साख को फिर से बहाल करना होगा।