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राजधानी की पहली घटना: न्यायाधीश भी साथंब
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अरविंद केजरीवाल के दिल्ली हाई कोर्ट की जज जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से खुद को केस से अलग करने (Recusal) की मांग पर आधारित विशेष समाचार रिपोर्ट
बड़ी खबर: "मेरा दिल बैठ गया था..."
केजरीवाल की जज से खुद को केस से हटाने की मांग**
नई दिल्ली, 15 अप्रैल 2026:दिल्ली आबकारी नीति (Excise Policy) मामले में एक नया और गंभीर मोड़ आ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुद कोर्ट में खड़े होकर दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से अपील की है कि वे उनके केस की सुनवाई न करें। केजरीवाल ने जज के प्रति सम्मान जताते हुए भी "पक्षपात की आशंका" (Apprehension of Bias) का हवाला दिया है।
**केजरीवाल की 10 दलीलें: क्यों नहीं है कोर्ट पर भरोसा?**
केजरीवाल ने व्यक्तिगत रूप से बहस करते हुए जस्टिस शर्मा के सामने 10 मुख्य कारण रखे, जिनमें से प्रमुख ये हैं:
* **एकतरफा आदेश:** केजरीवाल का कहना है कि 9 मार्च 2026 को जस्टिस शर्मा ने सिर्फ 5 मिनट की सुनवाई के बाद निचली अदालत के उस फैसले को "गलत" करार दे दिया, जिसे महीनों की बहस के बाद सुनाया गया था। केजरीवाल ने कहा, "उस दिन मेरा दिल बैठ गया था।"
* **पूर्व निर्णय:** उन्होंने तर्क दिया कि इसी जज ने संजय सिंह, के. कविता और अन्य के मामलों में ऐसी टिप्पणियां की हैं, जो पहले ही उन्हें (केजरीवाल को) दोषी जैसा मानती हैं।
* **संस्थागत जुड़ाव के आरोप:** केजरीवाल ने उन खबरों का हवाला दिया जिनमें जज के एक खास वकील संगठन (ABAP) के कार्यक्रमों में शामिल होने की बात कही गई थी, जिसे लेकर उनके मन में निष्पक्षता को लेकर डर है।
क्या हैं नियम? जज खुद क्यों नहीं हटते?**
कानूनी भाषा में इसे **'रिक्यूजल' (Recusal)** कहा जाता है। भारत में इसके लिए कोई लिखित कानून नहीं है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों के आधार पर कुछ नियम तय हैं:
1. **निष्पक्षता का सिद्धांत:** कानून कहता है कि "न्याय सिर्फ होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए।" अगर किसी पक्ष को 'वाजिब डर' है कि जज निष्पक्ष नहीं हो सकता, तो जज हट सकते हैं।
2. **जज का विवेक (Judicial Discretion):** यह पूरी तरह से जज पर निर्भर करता है कि वे केस छोड़ना चाहते हैं या नहीं। अगर जज को लगता है कि उन पर लगाए गए आरोप निराधार हैं या केवल "बेंच हंटिंग" (मनपसंद जज चुनने) की कोशिश है, तो वे हटने से इनकार कर सकते हैं।
3. **बेंच हंटिंग पर रोक:** सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार चेतावनी दी है कि आरोपी अपनी पसंद का जज नहीं चुन सकता। अगर हर आरोपी जज पर सवाल उठाने लगे, तो न्याय व्यवस्था ठप हो जाएगी।
कोर्ट का रुख: जस्टिस शर्मा की प्रतिक्रिया**
केजरीवाल की दलीलों के बाद जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि उनके करियर में **पहली बार** किसी ने उनसे केस से हटने को कहा है। उन्होंने मुस्कुराते हुए केजरीवाल से कहा, *"आपकी बहस बहुत अच्छी थी, आप वकील भी बन सकते हैं।"* फिलहाल, जस्टिस शर्मा ने अपना **फैसला सुरक्षित (Reserved)** रख लिया है। अब यह उन पर निर्भर है कि वे खुद को इस केस से अलग करती हैं या सुनवाई जारी रखती हैं।