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Good Morning Nagpur
साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस और जांच एजेंसियों ने विभिन्न शहरों में संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन ठगी से जुड़े एक संगठित नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के दौरान 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जिनसे पूछताछ जारी है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई साइबर ठगी से संबंधित मिली सूचनाओं और तकनीकी जांच के आधार पर की गई।
छापेमारी के दौरान कई स्थानों से मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर सिस्टम, सिम कार्ड, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसियां इन उपकरणों की फॉरेंसिक जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदिग्ध किन-किन राज्यों और लोगों को निशाना बना रहे थे तथा उनके नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि संदिग्धों के ऑनलाइन लेन-देन, सोशल मीडिया गतिविधियों, मैसेजिंग ऐप्स और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच एजेंसियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी वेबसाइट या सोशल मीडिया संदेश पर बिना पुष्टि किए भरोसा न करें। साथ ही, किसी भी व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा करने से बचें।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते डिजिटल लेन-देन के दौर में साइबर अपराध के तरीके लगातार बदल रहे हैं। ऐसे में केवल कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों की जागरूकता भी साइबर अपराध पर रोक लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ठगी, साइबर फ्रॉड या संदिग्ध डिजिटल गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर इसकी सूचना दें। समय रहते की गई शिकायत से न केवल आर्थिक नुकसान को कम किया जा सकता है, बल्कि अपराधियों तक पहुंचने में भी मदद मिलती है।