“Courage allows us to face challenges with confidence and transform obstacles into opportunities for growth.”
"With faith in God and confidence in yourself, nothing is impossible."
The Less Competent should not judge the More Competent.
“If you are patient in one moment of anger, You will escape a hundred days of sorrow.”
“You will face many defeats in life, but never let yourself be defeated.”
Keep doing your best every day & if no one is proud of you, be proud of YOURSELF!
“Short “ को लेकर यूनिवर्सिटी मे बवाल ।
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तमिलनाडु नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में बवाल: VC के 'शॉर्ट्स' वाले बयान पर भड़का छात्रों का गुस्सा
**तिरुचिरापल्ली:** तमिलनाडु नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (TNLU) के कैंपस में उस समय भारी तनाव फैल गया जब विश्वविद्यालय के वाइस-चांसलर (VC) वी. नागराज द्वारा छात्राओं के पहनावे पर दी गई एक विवादित टिप्पणी सामने आई। इस बयान के विरोध में सैकड़ों छात्र प्रशासनिक ब्लॉक के बाहर धरने पर बैठ गए हैं।
क्या है पूरा मामला?**
मिली जानकारी के अनुसार, वाइस-चांसलर वी. नागराज ने कथित तौर पर छात्राओं के कपड़ों को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि:
"शॉर्ट्स पहनने वाली छात्राएं यौन उत्पीड़न को न्यौता देती हैं और दूसरे छात्रों व फैकल्टी सदस्यों का ध्यान भटकाती हैं।"*
यह बयान सोशल मीडिया और कैंपस में जंगल की आग की तरह फैल गया, जिसके बाद छात्रों ने इसे "विकृत मानसिकता" और "विक्टिम ब्लेमिंग" (पीड़ित को ही दोषी ठहराना) करार दिया।
छात्रों का विरोध और मांगें**
नाराज छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर में जमकर नारेबाजी की और विरोध-प्रदर्शन किया। छात्रों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
* **बिना शर्त माफी:** छात्र चाहते हैं कि वाइस-चांसलर अपने इस अपमानजनक बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
* **लैंगिक संवेदनशीलता:** छात्रों का कहना है कि एक लॉ यूनिवर्सिटी के प्रमुख द्वारा इस तरह की प्रतिगामी सोच रखना कानून और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के सिद्धांतों के खिलाफ है।
* **सुरक्षित वातावरण:** प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है, न कि छात्राओं के पहनावे को नियंत्रित करना।
*वाइस-चांसलर की सफाई**
विवाद बढ़ता देख वी. नागराज ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने अपने बयान को पूरी तरह गलत नीयत से जोड़ा जाना नकारा और कहा कि उनकी टिप्पणी **'एक पिता की तरह दी गई सलाह'** थी। हालांकि, छात्र इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हैं और उनका कहना है कि "संरक्षण" के नाम पर नैतिक पुलिसिंग स्वीकार्य नहीं है।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया**
इस घटना की तस्वीर और खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जहाँ लोग शिक्षा संस्थानों में इस तरह की बयानबाजी की आलोचना कर रहे हैं। फिलहाल यूनिवर्सिटी प्रशासन और छात्रों के बीच गतिरोध बना हुआ है।
**रिपोर्ट:** न्यूज़ डेस्क