“Courage allows us to face challenges with confidence and transform obstacles into opportunities for growth.”
"With faith in God and confidence in yourself, nothing is impossible."
The Less Competent should not judge the More Competent.
“If you are patient in one moment of anger, You will escape a hundred days of sorrow.”
“You will face many defeats in life, but never let yourself be defeated.”
Keep doing your best every day & if no one is proud of you, be proud of YOURSELF!
भारत की पहली डिजिटल जनगणना का आगाज़
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भारत की पहली डिजिटल जनगणना का आगाज़
नई दिल्ली/नागपुर | 2 अप्रैल 2026
भारत ने कल, 1 अप्रैल 2026, से दुनिया की सबसे बड़ी और पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना (Census 2027) के पहले चरण की शुरुआत कर दी है। 16 साल के लंबे इंतजार के बाद हो रही इस जनगणना में इस बार कई बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
मुख्य बिंदु
* दो चरणों में होगी प्रक्रिया:
* पहला चरण (अप्रैल से सितंबर 2026): इसमें 'हाउस लिस्टिंग' (मकानों की सूची) और घरों की सुविधाओं की जानकारी ली जाएगी।
* दूसरा चरण (फरवरी 2027): इसमें जनसंख्या की वास्तविक गिनती होगी और पहली बार जाति जनगणना (Caste Census) के सवाल शामिल किए जाएंगे।
* सेल्फ-एन्यूमरेशन (Self-Enumeration) सुविधा: लोग अब खुद 'जनगणना पोर्टल' पर जाकर अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं। पहले 15 दिन (1-15 अप्रैल) इसी के लिए तय किए गए हैं।
* पूरी तरह डिजिटल डेटा: इस बार कागज-पेन की जगह कर्मचारी मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करेंगे, जिससे नतीजे 2027 के अंत तक आने की उम्मीद है।
* बिना दस्तावेज की गिनती: सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के वक्त किसी भी तरह के दस्तावेज (ID Proof) दिखाने की अनिवार्यता नहीं होगी।
नागपुर और महाराष्ट्र का शेड्यूल:
महाराष्ट्र में 'हाउस लिस्टिंग' का मुख्य काम 1 मई से 15 मई 2026 के बीच होने की संभावना है। इस दौरान देशभर में लगभग 31 लाख गणनाकार घर-घर जाकर डेटा जुटाएंगे।
संपादकीय नोट: यह जनगणना देश की भविष्य की नीतियों और संसाधनों के सही वितरण के लिए बेहद अहम है। इसमें सही जानकारी देना हर नागरिक का कर्तव्य है।