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बड़ी खबर: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- वंदे मातरम गाना अनिवार्य नहीं, यह सिर्फ एक सलाह है। * न्यायपालिका: "जितनी आजादी गाने की है, उतनी ही न गाने की भी"

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बड़ी खबर: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- वंदे मातरम गाना अनिवार्य नहीं, यह सिर्फ एक सलाह है।  * न्यायपालिका: "जितनी आजादी गाने की है, उतनी ही न गाने की भी" Good Morning Nagpur

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: वंदे मातरम पर केंद्र का सर्कुलर सिर्फ एक 'एडवाइजरी', गाना अनिवार्य नहीं

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (25 मार्च 2026) को वंदे मातरम गाने से जुड़े गृह मंत्रालय के सर्कुलर को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि सरकार का यह निर्देश केवल एक 'एडवाइजरी' (सलाह) है और इसे गाना अनिवार्य नहीं है।
मुख्य बातें:
 * कोई दंड नहीं: जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पांचोली की बेंच ने कहा कि वंदे मातरम न गाने पर किसी भी प्रकार के दंड या सजा का कोई प्रावधान नहीं है।
 * स्वतंत्रता का अधिकार: अदालत ने टिप्पणी की कि अभिव्यक्ति की आजादी में जितना हक कुछ गाने का है, उतना ही न गाने का भी है।
 * याचिका 'समय से पहले': कोर्ट ने याचिकाकर्ता मोहम्मद सईद नूरी की याचिका को 'प्री-मैच्योर' बताते हुए कहा कि अभी तक किसी के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई है, इसलिए यह केवल एक आशंका पर आधारित है।
 * नियम क्या है: गृह मंत्रालय के 28 जनवरी के सर्कुलर के अनुसार, सरकारी कार्यक्रमों और स्कूलों में राष्ट्रगान से पहले वंदे मातरम के सभी छह छंद (stanzas) गाने का सुझाव दिया गया है।

 
 
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