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हाजियों की कोताही ,प्रशासन गंभीर नहीं ।
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Good Morning Nagpur
हाजियों की सेवा को लेकर विभागीय आयुक्त और अल्पसंख्यक आयोग उदासीन, मुस्लिम समुदाय में भारी रोष
नागपुर: हज यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर प्रशासन की लापरवाही अब समुदाय के सब्र का इम्तिहान ले रही है। उपराजधानी नागपुर से हज पर जाने वाले यात्रियों की सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर विभागीय आयुक्त कार्यालय और राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष के ढुलमुल रवैये के खिलाफ मुस्लिम समुदाय में तीव्र आक्रोश देखा जा रहा है।
सामाजिक संगठनों और समुदाय के प्रतिनिधियों का आरोप है कि बार-बार निवेदन देने के बावजूद हज हाउस और रवानगी से जुड़ी बुनियादी समस्याओं पर कोई गंभीर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
प्रमुख मुद्दे और नाराजगी के कारण:
* प्रशासनिक अनदेखी: विभागीय आयुक्त द्वारा हज कमेटी और संबंधित विभागों की समन्वय बैठक बुलाने में की जा रही देरी से तैयारियों पर असर पड़ रहा है।
* अल्पसंख्यक आयोग की निष्क्रियता: समुदाय का आरोप है कि राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष को समस्याओं से अवगत कराने के बाद भी उनकी ओर से कोई ठोस हस्तक्षेप या संज्ञान नहीं लिया गया है।
* सुविधाओं का अभाव: हज हाउस में साफ-सफाई, ठहरने की व्यवस्था और टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सुस्ती बरती जा रही है, जिससे यात्रियों और उनके परिवारों में चिंता बढ़ गई है।
क्या कह रहे हैं समुदाय के प्रतिनिधि?
मुस्लिम समुदाय के नेताओं का कहना है कि:
> "हज एक मुकद्दस सफर है और इसके लिए प्रशासन को महीनों पहले से सक्रिय होना चाहिए। उपराजधानी के हाजियों के प्रति विभागीय आयुक्त का यह रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा लगता है कि अल्पसंख्यक आयोग भी केवल कागजों तक सीमित रह गया है।
समुदाय ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही विभागीय आयुक्त ने इस मामले में दखल देकर व्यवस्थाओं को दुरुस्त नहीं किया, तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा।
ब्यूरो रिपोर्ट, गुड मॉर्निंग नागपुर