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बीजिंग/नागपुर:
तकनीक की दुनिया में चीन ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। चीन ने अपनी बहुप्रतीक्षित अल्ट्रा हाई स्पीड लो-वैक्यूम ट्यूब मैग्लेव ट्रेन, जिसे 'फ्लाइंग ट्रेन' (Flying Train) कहा जा रहा है, का सफलतापूर्वक परीक्षण पूरा कर लिया है।
प्रमुख बिंदु:
• हैरान करने वाली रफ़्तार: यह ट्रेन अधिकतम 1000 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से दौड़ने में सक्षम है।
• हवाई जहाज़ से भी तेज़: अपनी इस गति के साथ, यह ट्रेन कई वाणिज्यिक हवाई जहाजों की तुलना में भी अधिक तेज़ साबित होगी।
• मिनटों में तय होगा घंटों का सफ़र: इस तकनीक के ज़रिए शंघाई से हांगझू के बीच की 200 किलोमीटर की दूरी अब महज़ 9 मिनट में तय की जा सकेगी।
• मैग्लेव तकनीक का कमाल: यह ट्रेन चुंबकीय उत्तोलन (Maglev) तकनीक पर आधारित है और एक लो-वैक्यूम ट्यूब के अंदर चलती है, जो हवा के घर्षण को कम करके इसे इतनी तेज़ गति प्रदान करती है।
इस सफल परीक्षण के बाद, भविष्य में लंबी दूरी की यात्रा के समय में भारी कटौती होने की उम्मीद है। परिवहन के क्षेत्र में इस 'फ्लाइंग ट्रेन' को एक बड़े गेम-चेंजर के रूप में देखा जा रहा है।
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