Daily Wisdom Drop
  • “Courage allows us to face challenges with confidence and transform obstacles into opportunities for growth.”
  • "With faith in God and confidence in yourself, nothing is impossible."
  • The Less Competent should not judge the More Competent.
  • “If you are patient in one moment of anger, You will escape a hundred days of sorrow.”
  • “You will face many defeats in life, but never let yourself be defeated.”
  • Keep doing your best every day & if no one is proud of you, be proud of YOURSELF!

भारत मे डेली ८१ से ८६ मामले आबरू के दर्ज होते है ।

Share News:
भारत मे डेली ८१ से ८६ मामले आबरू के दर्ज होते है । Good Morning Nagpur

 

विशेष रिपोर्ट: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म—देश में बढ़ते आंकड़े और कानूनी सच्चाई

नई दिल्ली: भारत में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों में 'शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने' के मामले एक गंभीर चुनौती बनकर उभरे हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के नवीनतम आंकड़ों और हालिया अदालती फैसलों ने इस विषय पर एक नई बहस छेड़ दी है। 

1. देश में अपराध की स्थिति: हर दिन 80 से अधिक मामले

NCRB की रिपोर्ट (2023-2024) के अनुसार, भारत में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगातार वृद्धि देखी गई है: 

• दैनिक औसत: भारत में हर दिन औसतन 81 से 86 दुष्कर्म के मामले दर्ज किए जाते हैं। 

• सालाना आंकड़े: साल 2023 में कुल 29,670 दुष्कर्म के मामले दर्ज किए गए थे। 

• जान-पहचान वाले अपराधी: चौंकाने वाली बात यह है कि लगभग 89% से 95% मामलों में अपराधी पीड़िता का कोई परिचित, मित्र या रिश्तेदार ही होता है। इसमें 'शादी का वादा' करके संबंध बनाने वाले मामले प्रमुख हैं। 

2. 'शादी का झांसा' और नया कानून (BNS 2023)

सरकार ने हाल ही में लागू हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) में इस मुद्दे को स्पष्ट रूप से संबोधित किया है: 

• धारा 69 (Section 69): नए कानून के तहत, यदि कोई व्यक्ति किसी महिला से शादी का झूठा वादा करके या अपनी पहचान छिपाकर शारीरिक संबंध बनाता है, तो इसे एक विशिष्ट अपराध माना गया है। 

• सजा का प्रावधान: इस अपराध के लिए दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। 

3. सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य

अपराध के आंकड़ों के मामले में कुछ राज्यों की स्थिति अधिक चिंताजनक है: 

• राजस्थान: दुष्कर्म के मामलों में यह राज्य सूची में सबसे ऊपर रहा है (2022-23 के आंकड़ों के अनुसार)। 

• उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश: इन राज्यों में भी महिलाओं के खिलाफ अपराधों की संख्या काफी अधिक दर्ज की गई है। 

• दिल्ली: केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित शहरों में से एक बना हुआ है। 

4. कानूनी पेचीदगियां और कोर्ट की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों की सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया है कि "सहमति से बनाए गए संबंधों" और "धोखे से ली गई सहमति" के बीच एक बारीक अंतर होता है। 

• यदि किसी व्यक्ति की मंशा शुरुआत से ही शादी करने की नहीं थी और उसने केवल शारीरिक संबंध बनाने के लिए झूठ बोला, तो उसे दुष्कर्म माना जाएगा। 

• हालांकि, कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि आपसी सहमति से बने संबंधों के टूटने पर हर मामले को दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। 

### निष्कर्ष

आंकड़े बताते हैं कि जहां एक ओर रिपोर्टिंग में सुधार हुआ है, वहीं सजा की दर (Conviction Rate) अब भी लगभग 27-28% के आसपास ही बनी हुई है। प्रशासन और कानून विशेषज्ञों का मानना है कि नए कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन से ही इन गंभीर अपराधों पर लगाम लगाई जा सकती है। 

स्रोतः नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हालिया रिपोर्ट।

ADVERTISEMENT