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नागपुर न्यूज़ डेस्क: अक्सर मतदाताओं के मन में यह सवाल उठता है कि अगर किसी चुनाव में NOTA (None of the Above) को सबसे ज्यादा वोट मिलें, तो क्या होगा? क्या चुनाव रद्द हो जाएगा?
क्या कहता है चुनाव आयोग का नियम?
वर्तमान नियमों के अनुसार, अगर किसी निर्वाचन क्षेत्र में NOTA को सबसे अधिक वोट मिलते हैं, तो भी चुनाव रद्द नहीं होता है। ऐसी स्थिति में, NOTA के बाद दूसरे स्थान पर रहने वाले उम्मीदवार (Runner-up) को ही विजेता घोषित कर दिया जाता है।
NOTA की सीमाएं:
• चुनाव रद्द नहीं हो सकता: NOTA में वह शक्ति नहीं है कि वह पूरे चुनाव को अवैध घोषित कर सके।
• दोबारा चुनाव की संभावना नहीं: सबसे अधिक वोट मिलने के बावजूद NOTA के कारण दोबारा मतदान नहीं कराया जाता है।
• नतीजों में देरी नहीं: NOTA वोटों की संख्या नतीजों की घोषणा में किसी भी प्रकार की देरी का कारण नहीं बनती।
ताज़ा स्थिति:
वर्तमान में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुदुच्चेरी और असम जैसे राज्यों में मतगणना की प्रक्रिया चल रही है, जहाँ मतदाताओं ने अपनी प्राथमिकताओं को दर्ज किया है। लोकतंत्र में NOTA को "अस्वीकृति के अधिकार" के रूप में देखा जाता है, लेकिन चुनावी जीत-हार के तकनीकी समीकरणों में इसका प्रभाव फिलहाल सीमित है।
प्रस्तुति: Good Morning Nagpur