Daily Wisdom Drop
  • “Courage allows us to face challenges with confidence and transform obstacles into opportunities for growth.”
  • "With faith in God and confidence in yourself, nothing is impossible."
  • The Less Competent should not judge the More Competent.
  • “If you are patient in one moment of anger, You will escape a hundred days of sorrow.”
  • “You will face many defeats in life, but never let yourself be defeated.”
  • Keep doing your best every day & if no one is proud of you, be proud of YOURSELF!

CM हेमंत बिस्वास की खराबर से बाहर किया कई प्रमूक अख़बार ने ।

Share News:
CM हेमंत बिस्वास की खराबर से बाहर किया कई  प्रमूक अख़बार ने । Good Morning Nagpur

हेमंत बिस्वास शर्मा सीएम असम

इस्थानिया प्रिंट मीडिया ने इस खबर को नहीं दिखाया देश के प्रमुख समाचार पत्रों ने इस खबर को कवर किया है, लेकिन इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा के खंडन और कानूनी कार्रवाई की खबरों को भी प्रमुखता दी गई है। यहाँ इस पूरे मामले की वर्तमान स्थिति (अप्रैल 2026) का विवरण दिया गया है:

नागपुर:कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी के पास भारत के अलावा तीन अन्य देशों (यूएई, एंटीगुआ-बारबुडा और मिस्र) के पासपोर्ट हैं। उन्होंने कुछ दस्तावेज़ों की प्रतियां भी दिखाईं और आरोप लगाया कि यह भारतीय नागरिकता कानून का उल्लंघन है।
प्रिंट मीडिया की कवरेज
प्रमुख अखबारों जैसे The Hindu, Times of India, Hindustan Times और Indian Express ने इस खबर को प्रकाशित किया है। हालाँकि, कवरेज का तरीका 'आरोप-प्रत्यारोप' (Allegation vs Rebuttal) के रूप में रहा है:
 * द हिंदू (The Hindu): ने रिपोर्ट किया कि कांग्रेस ने पासपोर्ट और दुबई में संपत्तियों का आरोप लगाया है।
 * टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI): ने मुख्यमंत्री की पत्नी द्वारा पवन खेड़ा पर मानहानि का केस करने और एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की खबर को प्रमुखता दी।
3. खबर 'दबने' या कम दिखने के संभावित कारण
अक्सर जब सोशल मीडिया पर कोई खबर वायरल होती है, तो लोगों को लगता है कि प्रिंट मीडिया इसे नहीं दिखा रहा। इसके कुछ तकनीकी और कानूनी कारण हो सकते हैं:
 * दस्तावेजों की प्रामाणिकता: मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने दावा किया है कि ये पासपोर्ट "फर्जी" हैं और इन्हें AI (Photoshop) के जरिए बनाया गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये तस्वीरें मूल रूप से एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप द्वारा साझा की गई थीं। जब तक किसी खबर की पूरी तरह पुष्टि नहीं हो जाती, मुख्यधारा का मीडिया उसे "सनसनीखेज" तरीके से दिखाने से बचता है ताकि कानूनी पेचीदगियों से बचा जा सके।
 * मानहानि का डर: मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने 48 घंटे के भीतर पवन खेड़ा पर आपराधिक मानहानि (Defamation) का मुकदमा दर्ज करने की घोषणा की है। ऐसे में मीडिया संस्थान सावधानी बरतते हैं।
 * चुनाव का समय: चूंकि असम में चुनाव (अप्रैल 2026) का समय है, इसलिए इसे राजनीतिक प्रोपेगेंडा मानकर भी कई संस्थान इसे केवल एक "पॉलिटिकल वॉर" के रूप में कवर कर रहे हैं।
निष्कर्ष
प्रिंट मीडिया में यह खबर मौजूद है, लेकिन इसे "कांग्रेस का आरोप" बनाम "बीजेपी का खंडन" के रूप में पेश किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इन पासपोर्ट्स को फर्जी बताते हुए जांच (SIT) की बात कही है और अदालत जाने का फैसला किया है।
 
ADVERTISEMENT