Daily Wisdom Drop
  • “Take risks: if you win, you will be happy; if you lose, you will be wise.”

खड़ी और पड़ोसी मुल्क के युद्ध को देखते भारत तैयार दुश्मनों के ड्रोवन को धोवस्त करने ।:DRDO

Share News:
खड़ी और पड़ोसी मुल्क के युद्ध को देखते भारत तैयार दुश्मनों के ड्रोवन को धोवस्त करने ।:DRDO Good Morning Nagpur

दुश्मन के ड्रोनों को हवा में ही भस्म करने के लिए तैयार किया गया है।

न्यूज़ DRDO:विशेष रिपोर्ट: भारत का 'लेजर कवच' (Directed Energy Weapon)
भारत अब पारंपरिक गोलियों या मिसाइलों के बजाय 'प्रकाश की गति' (Speed of Light) से दुश्मन के ड्रोन को नष्ट करने की तकनीक अपना रहा है। इसे तकनीकी भाषा में Directed Energy Weapon (DEW) कहा जाता है।
यह कैसे काम करता है? (How it Works)
लेजर वेपन सिस्टम कोई फिजिकल मिसाइल नहीं दागता, बल्कि एक अत्यधिक शक्तिशाली और केंद्रित (Focused) प्रकाश की किरण छोड़ता है।
 * सर्च और ट्रैक: सबसे पहले रडार और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर ड्रोन की पहचान करते हैं।
 * लॉक-ऑन: सिस्टम ड्रोन की हरकत पर अपनी लेजर बीम को 'लॉक' कर देता है।
 * हीटिंग: लेजर बीम ड्रोन के बाहरी हिस्से (बॉडी) को इतना गर्म कर देती है कि उसके अंदर के इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी या फ्यूल टैंक कुछ ही सेकंड में जल जाते हैं।
 * परिणाम: ड्रोन हवा में ही जलकर नीचे गिर जाता है।
 लेजर वेपन की मुख्य विशेषताएं
| विशेषता | विवरण |
| किल रेंज (Kill Range) | 1 से 2 किलोमीटर (वर्तमान क्षमता)। 
| लागत (Cost) | एक बार फायर करने का खर्च मात्र कुछ रुपये (बिजली का खर्च), जबकि मिसाइलें करोड़ों की होती हैं। |
| सटीकता (Precision) | यह सेंटीमीटर की सटीकता से ड्रोन के पंखों या कैमरे को निशाना बना सकता है। |
| स्पीड (Speed) | प्रकाश की गति से हमला, जिससे ड्रोन को बचने का मौका नहीं मिलता। |
भारत के प्रमुख लेजर प्रोजेक्ट्स
A. किलो-एम्पेयर लीनियर इंजेक्टर (KALI)
यह भारत का सबसे गुप्त और शक्तिशाली प्रोजेक्ट है। यह दुश्मन के विमानों और ड्रोनों के इलेक्ट्रॉनिक्स को इलेक्ट्रोमैग्नेटिक पल्स (EMP) के जरिए पूरी तरह से ठप कर सकता है।
B. दुर्गा-2 (DURGA-2)
इसका पूरा नाम Directionally Unrestricted Ray-Gun Array है। यह एक 100 किलोवाट का लाइट-वेव वेपन है। इसे टैंकों, जहाजों और विमानों पर भी लगाया जा सकता है ताकि वे मिसाइल और ड्रोन हमलों को हवा में ही रोक सकें।
C. पोर्टेबल लेजर गन
भारतीय सेना अब छोटी, ट्रक पर लदी लेजर गन्स का परीक्षण कर रही है। इन्हें आसानी से बॉर्डर पर एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सकता है।
लेजर वेपन के फायदे
 * अदृश्य हमला: लेजर बीम आँखों से नहीं दिखती और न ही इसमें कोई आवाज़ होती है, इसलिए दुश्मन को पता भी नहीं चलता कि हमला कहाँ से हुआ।
 * अनलिमिटेड एम्युनिशन: जब तक बिजली या जनरेटर चालू है, तब तक गोलियां खत्म होने का डर नहीं रहता।
 * कम नुकसान: यह केवल लक्ष्य को निशाना बनाता है, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में नुकसान का खतरा कम होता है।
निष्कर्ष: सीमा पर सुरक्षा का नया युग
पंजाब और जम्मू के संवेदनशील बॉर्डर पर, जहाँ छोटे ड्रोन नशीले पदार्थ या हथियार गिराने की कोशिश करते हैं, वहाँ ये लेजर गन्स सबसे प्रभावी साबित हो रही हैं। भविष्य में, ये सिस्टम भारत के 'एंटी-मिसाइल डिफेंस' का भी हिस्सा बनेंगे।

"रहियें ना बेख़बर जानिए सम्पूर्ण ख़बार Digi के दोर में प्रकाश पर लगा विराम "

ADVERTISEMENT