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प्रिसिपल व हेडमास्टर पर FIR दर्ज ,८ शिक्षक व अन्य शामिल ।
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राष्ट्रीय कर्तव्य में लापरवाही: जनगणना कार्य से इनकार करने वाले 10 शिक्षकों और कर्मचारियों पर FIR दर्ज
नागपुर: नागपुर महानगरपालिका (NMC) ने आगामी 'जनगणना 2026-27' के कार्य में सहयोग न करने वाले शिक्षा क्षेत्र के कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सतरंजीपुरा जोन नंबर 07 के सहायक आयुक्त ने यशोधरानगर पुलिस स्टेशन में 10 शैक्षणिक कर्मचारियों के खिलाफ फौजदारी मामला (FIR) दर्ज कराया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन कर्मचारियों को जनगणना 2026-27 के लिए पर्यवेक्षक (Supervisor) और प्रगणक (Enumerator) के रूप में नियुक्त किया गया था। प्रशासन द्वारा बार-बार आदेश दिए जाने के बावजूद, इन कर्मचारियों ने नियुक्ति आदेश स्वीकार करने में टालमटोल की और प्रशिक्षण या कार्य में शामिल होने से इनकार कर दिया।
महानगरपालिका ने इसे 'राष्ट्रीय कार्य' में बाधा माना है। आरटीई (RTE) अधिनियम 2009 की धारा 27 और जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के तहत, शिक्षकों को जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के लिए नियुक्त करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
इन पर हुई कार्रवाई (मुख्य नाम):
दर्ज FIR में स्कूल के प्रिंसिपल से लेकर प्रशासनिक स्टाफ तक शामिल हैं:
* प्रिंसिपल: रेव्ह. डॉ. मंगलकिरण सारथी
* हेड मास्टर: श्रीमती चैताली राव
* शिक्षक: श्रीमती अंजलि कुकरेजा,
मिस इशिता पाडगिल,
श्रीमती अंजलि पांडे,
श्रीमती धार्मिक शुक्ला
* अन्य स्टाफ:
पूजा बख्शी (काउंसिल),
राजा कतारपवार (अकाउंटेंट),
अमेककुमार एस. गोंद (एडमिन),
और हर्ष आर. नवघरे।
कानूनी प्रावधान और धाराएं:
प्रशासन ने इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 187 के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा लोक सेवक को सहायता देने में जानबूझकर चूक करने से संबंधित है। जनगणना अधिनियम के तहत, इस तरह की लापरवाही के लिए दंड और कारावास दोनों का प्रावधान है।
प्रशासन की चेतावनी:
सहायक आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि जनगणना एक समयबद्ध और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो कर्मचारी आदेशों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ आने वाले दिनों में और भी सख्त अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इस कार्रवाई के लिए कनिष्ठ अभियंता श्री पुरुषोत्तम कंठावार को अधिकृत किया गया था, जिन्होंने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।