“Courage allows us to face challenges with confidence and transform obstacles into opportunities for growth.”
"With faith in God and confidence in yourself, nothing is impossible."
The Less Competent should not judge the More Competent.
“If you are patient in one moment of anger, You will escape a hundred days of sorrow.”
“You will face many defeats in life, but never let yourself be defeated.”
Keep doing your best every day & if no one is proud of you, be proud of YOURSELF!
असली की परख के लिए नए मानक: FSSAI
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Good Morning Nagpur
असली 'ऑर्गेनिक' भोजन की पहचान कैसे करें?
FSSAI की नई गाइडलाइंस
नई दिल्ली: बाज़ार में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के साथ 'ऑर्गेनिक' (जैविक) उत्पादों की बाढ़ आ गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि "Organic" लिखा हर डिब्बा वास्तव में रसायन मुक्त (Chemical-free) है? भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने उपभोक्ताओं को चेतावनी दी है कि वे केवल शब्दों के जाल में न फंसें और उत्पाद खरीदने से पहले तीन विशिष्ट मानकों की जांच करें।
1. अनिवार्य पहचान: 'जैविक भारत' (Jaivik Bharat) लोगो
यह भारत सरकार द्वारा जारी एक एकीकृत लोगो (Unified Logo) है। यह हरे रंग का एक टिक मार्क है जो एक घेरे के अंदर पत्तियों जैसा दिखता है।
* महत्व: यह लोगो प्रमाणित करता है कि उत्पाद पूरी तरह से जैविक खेती के मानकों पर खरा उतरा है।
* नोट: यदि किसी पैकेट पर यह लोगो नहीं है, तो उसे आधिकारिक तौर पर ऑर्गेनिक नहीं माना जा सकता।
2. प्रमाणन प्रणाली (Certification Systems)
FSSAI के अनुसार, पैकेट पर जैविक भारत लोगो के साथ-साथ निम्नलिखित में से कम से कम एक अन्य लोगो होना अनिवार्य है:
* NPOP (इंडिया ऑर्गेनिक) लोगो: यह 'नेशनल प्रोग्राम फॉर ऑर्गेनिक प्रोडक्शन' का प्रतीक है। यह मुख्य रूप से उन उत्पादों पर होता है जो बड़े स्तर पर तैयार होते हैं या निर्यात (Export) किए जाते हैं। इसमें तीसरे पक्ष (Third-party) द्वारा सख्त जांच की जाती है।
* PGS-India ऑर्गेनिक लोगो: यह 'पार्टिसिपेटरी गारंटी सिस्टम' का हिस्सा है। यह छोटे किसानों और स्थानीय समूहों के लिए बनाया गया है, जहाँ किसान खुद एक-दूसरे की गुणवत्ता की निगरानी करते हैं।
3. 14-अंकों का FSSAI लाइसेंस नंबर
हर ऑर्गेनिक उत्पाद पर 14 अंकों का FSSAI लाइसेंस नंबर होना अनिवार्य है। उपभोक्ता इस नंबर को FSSAI के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट पर जाकर सत्यापित (Verify) कर सकते हैं कि संबंधित कंपनी ऑर्गेनिक उत्पाद बेचने के लिए अधिकृत है या नहीं।
उपभोक्ताओं के लिए मुख्य चेकलिस्ट
| क्या देखें | क्यों ज़रूरी है |
|---|---|
| जैविक भारत लोगो | यह सरकारी प्रमाण है कि उत्पाद 'जैविक' है। |
| NPOP या PGS लोगो | यह बताता है कि किस सिस्टम के तहत जांच हुई है। |
| सामग्री (Ingredients) | उत्पाद में कम से कम 95% ऑर्गेनिक सामग्री होनी चाहिए। |
| QR कोड / बैच नंबर | आधुनिक कंपनियां अब ट्रैसेबिलिटी (Traceability) के लिए कोड देती हैं जिसे स्कैन कर आप फार्म की जानकारी ले सकते हैं। |
धोखाधड़ी से कैसे बचें?
बाज़ार में अक्सर 'Natural', 'Farm Fresh' या 'Chemical Free' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है। FSSAI ने स्पष्ट किया है कि ये शब्द 'Certified Organic' के बराबर नहीं हैं। बिना प्रमाणन के इन शब्दों का इस्तेमाल केवल मार्केटिंग का एक हिस्सा हो सकता है।विशेष टिप: असली ऑर्गेनिक दालें या अनाज अक्सर दिखने में थोड़े असमान और फीके हो सकते हैं, जबकि मिलावटी या पॉलिश किए हुए उत्पाद बहुत ज़्यादा चमकते हैं।