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३०० बीटैंग ऐप ब्लॉक: सरकार का बड़ा एक्शन
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सरकार का बड़ा एक्शन: 300 अवैध बेटिंग वेबसाइट और ऐप्स ब्लॉक
न्यूज़ नई दिल्ली:डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, भारत सरकार ने 300 अवैध सट्टेबाजी (Betting) और जुआ खेलने वाली वेबसाइटों और ऐप्स को ब्लॉक कर दिया है। ताज़ा कार्रवाई के साथ, अब तक प्रतिबंधित किए गए ऐसे प्लेटफार्मों की कुल संख्या लगभग 8,400 तक पहुँच गई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 'ऑनलाइन गेमिंग विनियमन अधिनियम, 2025' के लागू होने के बाद इस कार्रवाई में काफी तेज़ी आई है। पिछले साल अगस्त में इस कानून के पारित होने के बाद से अब तक करीब 4,900 प्लेटफॉर्म बंद किए जा चुके हैं।
कार्रवाई की मुख्य बातें
* निशाने पर कौन से प्लेटफॉर्म?: इस कार्रवाई में विभिन्न प्रकार की अवैध सेवाओं को ब्लॉक किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
* ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग (खेलों पर सट्टा) पोर्टल्स।
* डिजिटल कैसीनो, स्लॉट्स और लाइव डीलर टेबल।
* बेटिंग एक्सचेंज और पीयर-टू-पीयर गेमिंग।
* पारंपरिक 'सट्टा' और 'मटका' के ऑनलाइन नेटवर्क।
* कानूनी आधार: सरकार ने आईटी अधिनियम की धारा 69A और नए 2025 के कानून के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए इन प्लेटफॉर्मों तक पहुंच को प्रतिबंधित किया है।
* कठोर दंड का प्रावधान: नए अधिनियम के तहत, अवैध ऑनलाइन मनी गेम की पेशकश करने या उसे बढ़ावा देने पर:
* 3 साल तक की कैद।
* ₹1 करोड़ तक का जुर्माना।
* दोबारा दोषी पाए जाने पर जेल की न्यूनतम अवधि 3 वर्ष और जुर्माना और भी अधिक हो सकता है।
* विज्ञापनों पर रोक: इन अवैध प्लेटफार्मों का विज्ञापन करना भी अब दंडनीय अपराध है, जिसके लिए 2 साल की जेल या ₹50 लाख के जुर्माने का प्रावधान है।
क्यों जरूरी थी यह कार्रवाई?
सरकार ने इस कड़े कदम के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण बताए हैं:
* सामाजिक प्रभाव: सट्टेबाजी की लत, इसके कारण होने वाली वित्तीय बर्बादी और परिवारों में बढ़ते तनाव को रोकना।
* आर्थिक जोखिम: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पहले भी उल्लेख किया था कि लगभग 45 करोड़ लोग ऑनलाइन मनी गेम से नकारात्मक रूप से प्रभावित हुए हैं, जिससे ₹20,000 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है।
* राष्ट्रीय सुरक्षा: जांच में सामने आया है कि इनमें से कुछ प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल टेरर फंडिंग और अवैध मैसेजिंग के लिए भी किया जा रहा था।