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GMNEWS:गुजरात: सूरत में 'योग गुरु' का जाली नोटों का बड़ा रैकेट भंडाफोड़; ChatGPT की मदद से हो रही थी छपाई
सूरत/अहमदाबाद: गुजरात पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो अत्याधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर जाली नोट बना रहा था। इस मामले में पुलिस ने सूरत के एक तथाकथित 'योग गुरु' समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ₹500 के जाली नोटों को बिल्कुल असली जैसा बनाने के लिए ChatGPT का सहारा लिया था।
 * मास्टरमाइंड: 'श्री सत्यम योग फाउंडेशन' चलाने वाला प्रदीप जोटांगिया, जिसे उसके अनुयायी 'गुरुजी' कहते हैं।
 * टेक्नोलॉजी का खेल: गिरोह ने नोटों की डिजाइनिंग, बारीकियों और सुरक्षा फीचर्स को कॉपी करने के लिए ChatGPT और फोटो-एडिटिंग सॉफ्टवेयर का उपयोग किया।
 * विदेशी कनेक्शन: जाली नोटों के लिए इस्तेमाल होने वाला विशेष 'सिक्योरिटी थ्रेड' वाला कागज चीन से अलीबाबा (Alibaba) के जरिए मंगवाया गया था।
 * बरामदगी: छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब ₹28 लाख के जाली नोट और भारी मात्रा में प्रिंटिंग सामग्री जब्त की है।
कैसे हुआ इस रैकेट का खुलासा?
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग बाजार में बड़ी मात्रा में नकली करेंसी उतारने की फिराक में हैं। पुलिस ने जाल बिछाकर पहले अहमदाबाद से कुछ संदिग्धों को पकड़ा, जिनसे पूछताछ के बाद तार सूरत के कामरेज इलाके और एक आश्रम से जुड़े मिले।
आश्रम में चल रही थी 'नोटों की फैक्ट्री'
पुलिस जांच में सामने आया कि मुकेश ठुम्मर नाम के एक आरोपी के घर पर प्रिंटिंग यूनिट लगाई गई थी। ये लोग पिछले 6 महीनों से इस काम की प्लानिंग कर रहे थे। 'गुरुजी' ने पुलिस को बताया कि आश्रम के कामों और समाज सेवा के लिए पैसे कम पड़ रहे थे, इसलिए उन्होंने खुद ही नोट छापने का रास्ता चुना।
गिरफ्तार किए गए आरोपी:
 * प्रदीप जोटांगिया (गुरुजी) - मुख्य साजिशकर्ता
 * मुकेश ठुम्मर - प्रिंटिंग का इंचार्ज
 * भरत काकड़िया, अशोक मावानी और रमेश बालर - साथी और अनुयायी
> पुलिस का बयान: "आरोपियों ने बहुत शातिर तरीके से काम किया। उन्होंने पहले छोटे-छोटे ट्रांजेक्शन में इन नोटों को चलाकर टेस्ट किया ताकि पता चल सके कि कोई उन्हें पकड़ पाता है या नहीं। आशंका है कि करीब ₹20 लाख के जाली नोट पहले ही बाजार में पहुंच चुके हैं।" 
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन जाली नोटों को बाजार में खपाने के लिए और कौन-कौन से एजेंट इनके संपर्क में थे।

 
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