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Re-Charge अब २८ दिन के जाल से छुटकारा ३० दिन में ख़त्म होगा ।
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RE- Charge .अब 28 दिन का 'जाल' खत्म!
नागपुर | 30 मार्च सालों से चल रहे मोबाइल रिचार्ज के "28 दिन वाले खेल" पर अब संसद में कड़ा प्रहार हुआ है। सांसद राघव चड्ढा द्वारा राज्यसभा में उठाए गए इस मुद्दे के बाद, अब टेलीकॉम कंपनियों को 30 दिन की पूरी वैलिडिटी वाले प्लान देने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या था 28 दिन का 'गणित'?
कंपनियां 28 दिन का रिचार्ज देकर एक साल में ग्राहकों से 13 बार पैसे वसूलती थीं। राघव चड्ढा ने संसद में तर्क दिया कि जब साल में 12 महीने होते हैं, तो जनता 13 बार रिचार्ज क्यों करे? उन्होंने इसे आम आदमी की जेब पर "गणितीय डकैती" करार दिया।
सरकार का फैसला और निर्देश:
इस मुद्दे पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया कि TRAI (भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण) ने पहले ही कंपनियों को कम से कम एक ऐसा प्लान रखने का निर्देश दिया है जो पूरे 30 दिन या कैलेंडर माह (जैसे 1 से 30 तारीख) तक चले।
मुख्य बदलाव:
* पूरे 30 दिन की वैलिडिटी: अब उपभोक्ताओं को महीने में सिर्फ एक बार रिचार्ज करना होगा।
* पारदर्शिता: कंपनियों को अपने 'मंथली' शब्द का सही अर्थ (30 दिन) स्पष्ट करना होगा।
* बचत: मध्यमवर्गीय परिवारों को साल में होने वाले एक्स्ट्रा 13वें रिचार्ज से राहत मिलेगी।
> "मोबाइल आज विलासिता नहीं, जरूरत है। 28 दिन का चक्र सिर्फ एक ट्रिक है जिससे जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। इसे बदलना ही होगा।" राघव चड्ढा (संसद )