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"With faith in God and confidence in yourself, nothing is impossible."
The Less Competent should not judge the More Competent.
“If you are patient in one moment of anger, You will escape a hundred days of sorrow.”
“You will face many defeats in life, but never let yourself be defeated.”
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1 अप्रैल से नये इनकॉम टैक्स स्लैब
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1 अप्रैल से बदल जाएगी आपकी टैक्स की दुनिया: 'इनकम टैक्स एक्ट-2025' लाएगा बड़े सुधार
GMNEWS:नई दिल्ली | भारत सरकार ने 60 साल से भी पुराने आयकर कानून (Income Tax Act, 1961) को बदलने की पूरी तैयारी कर ली है। संसद से मंजूरी मिलने के बाद अब 1 अप्रैल 2026 से नया 'इनकम टैक्स एक्ट-2025' पूरी तरह लागू हो जाएगा। इस बदलाव का सबसे बड़ा असर टैक्स भरने की डेडलाइन और कागजी शब्दावली पर पड़ेगा।
1. डेडलाइन में बड़ी राहत: अब 31 अगस्त तक भरें ITR
आम करदाताओं (वेतनभोगी और छोटे कारोबारी जिनके खातों का ऑडिट ज़रूरी नहीं है) के लिए सरकार ने एक बड़ी राहत दी है। अब तक ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई होती थी, जिसे नए कानून में स्थायी रूप से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है। इससे टैक्सपेयर्स को अपने दस्तावेज जुटाने के लिए एक महीना अतिरिक्त मिलेगा।
2. 'असेसमेंट ईयर' का झंझट खत्म, अब सिर्फ 'टैक्स ईयर'
टैक्स की दुनिया में सबसे ज्यादा भ्रम 'Previous Year' और 'Assessment Year' (AY) को लेकर होता था। नए कानून ने इस 60 साल पुराने कन्फ्यूजन को खत्म कर दिया है।
* अब क्या होगा: अब केवल 'टैक्स ईयर' (Tax Year) शब्द का इस्तेमाल होगा।
* इसका मतलब है कि जिस साल आप पैसा कमाएंगे, उसे ही आपका टैक्स ईयर माना जाएगा और उसी के आधार पर टैक्स कैलकुलेशन होगी।
3. संशोधित रिटर्न (Revised Return) के लिए लंबा समय
अगर आपसे ओरिजिनल रिटर्न भरने में कोई चूक हो जाती है, तो अब आपके पास सुधार के लिए ज्यादा समय होगा। नए नियमों के अनुसार, आप अगले साल की 31 मार्च तक अपना संशोधित रिटर्न (Revised Return) फाइल कर सकेंगे।
4. कानून का सरलीकरण (Simpler Sections)
पुराने एक्ट में 700 से ज्यादा धाराएं (Sections) थीं, जिन्हें घटाकर अब 536 कर दिया गया है। भाषा को इतना सरल बनाया गया है कि एक आम आदमी भी इसे आसानी से समझ सके। साथ ही, TDS और TCS की जटिल धाराओं को भी कम करके केवल 3 मुख्य धाराओं में समेट दिया गया है।
5. नए टैक्स स्लैब (बजट 2025 के अनुसार)
नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) के तहत अब ₹12 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा (छूट के साथ)। स्लैब कुछ इस प्रकार हैं:
* ₹0 - ₹4 लाख: कोई टैक्स नहीं
* ₹4 - ₹8 लाख: 5%
* ₹8 - ₹12 लाख: 10%
* ₹12 - ₹16 लाख: 15%
* ₹16 - ₹20 लाख: 20%
* ₹20 - ₹24 लाख: 25%
* ₹24 लाख से ऊपर: 30%
निष्कर्ष: सरकार का लक्ष्य टैक्स चोरी रोकना नहीं, बल्कि टैक्स भरने की प्रक्रिय .