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नई दिल्ली/टेक डेस्क: डिजिटल क्रांति के इस दौर में डेटा ही नया 'तेल' माना जा रहा है, और इस कीमती डेटा को सुरक्षित रखने वाले डेटा सेंटर्स की रेस में भारत ने दुनिया के टॉप देशों के बीच अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई है। 'विज़ुअल कैपिटलिस्ट' की हालिया रिपोर्ट (नवंबर 2025) के अनुसार, भारत अब दुनिया के उन शीर्ष 8 देशों में शामिल है जिनके पास सबसे ज्यादा डेटा सेंटर हैं।
दुनिया भर में 11,000 से अधिक डेटा सेंटर्स
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2025 तक पूरी दुनिया में 11,000 से ज्यादा डेटा सेंटर सक्रिय हैं। इस सूची में अमेरिका एकतरफा बढ़त के साथ पहले पायदान पर है।
दुनिया के टॉप 8 देश और उनके डेटा सेंटर्स की संख्या:
भारत की उपलब्धि और पड़ोसियों का हाल
रिपोर्ट में एक दिलचस्प तथ्य यह सामने आया है कि डेटा सेंटर के मामले में एशियाई महाद्वीप में भारत एक बड़ी शक्ति बनकर उभरा है। चीन (#4) के अलावा, भारत का कोई भी अन्य पड़ोसी देश टॉप 8 की इस वैश्विक सूची में जगह नहीं बना सका है। 271 डेटा सेंटर्स के साथ भारत आठवें स्थान पर है और ऑस्ट्रेलिया (#7) के बेहद करीब पहुंच गया है।
डेटा सेंटर्स क्यों हैं जरूरी?
डेटा सेंटर वह फिजिकल सुविधाएं होती हैं जहां कंपनियां अपने महत्वपूर्ण डेटा और एप्लिकेशन को स्टोर, प्रोसेस और मैनेज करती हैं। भारत में बढ़ते डिजिटलाइजेशन, 5G के विस्तार और ई-कॉमर्स के चलते डेटा स्टोरेज की मांग तेजी से बढ़ी है, जिसने देश को ग्लोबल डेटा हब बनाने की ओर अग्रसर कर दिया है।
स्रोत: विज़ुअल कैपिटलिस्ट (इनशॉर्ट्स के माध्यम से)